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Madhya Pradesh

सभी महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से आयोजित हों जनभागीदारी समिति की बैठकें : एसीएस अनुपम राजन

भोपाल : उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, शाहपुरा भोपाल में सहायक कुलसचिवों एवं प्रभारी प्राचार्यों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार से शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन द्वारा शुभारंभ किया गया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सहायक कुलसचिवों एवं प्रभारी प्राचार्यों से संवाद कर उनके सुझाव प्राप्त किए और आवश्‍यक दिशा निर्देश भी दिए।

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कहा कि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासनिक एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जिससे उच्च शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त किया जा सके। उन्‍होंने कहा कि सभी सहायक कुलसचिव एवं प्रभारी प्राचार्य प्रशिक्षण को गंभीरता एवं बेहतर ढंग से प्राप्त करें। प्रशिक्षण के दौरान विषय से संबंधित प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे, जिससे विषय विशेषज्ञों द्वारा उनका समुचित समाधान किया जा सके। इसके साथ ही सुझाव भी जरूर दें, जि‍से आगामी प्रशिक्षण सत्रों में उन्हें शामिल किया जा सके। श्री राजन ने कहा कि सभी महाविद्यालयों में जनभागीदारी समिति की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं। महाविद्यालयों में स्वीकृत रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया लगातार जारी है। वर्तमान में राज्य का जीआर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है तथा डिजिटल शिक्षा को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।

आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके साथ-साथ प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर नए नियम, निर्देश एवं प्रक्रियाएं जारी होती रहती हैं, जिनकी समुचित जानकारी होना आवश्यक है। इन्हीं नियमों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समझ को विकसित करने तथा कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में समन्वय स्थापित होगा। इसके साथ ही संस्थानों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बन सकेगा।

24 जनवरी को होगा समापन

पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा सहायक कुलसचिवों, प्रभारी प्रचार्यों को परिवीक्षा समाप्‍त‍ि एवं स्‍थाईकरण के नि‍यम, मध्‍यप्रदेश मूलभूत‍ नियम के अंतर्गत अन्‍य प्रमुख नियम, आचरण नियम, सामान्‍य शिकायत पर कार्यवाही एवं विभागीय जांच नियम, मध्‍यप्रदेश क्रय भंडार नि‍यम, जेम पोर्टल एवं ई-टेंडरिंग प्रक्र‍िया सहित अन्‍य नवीन दि‍शा निर्देशों के बारे में प्रशिक्ष‍ित कि‍या जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 20 विश्वविद्यालयों के सहायक कुल सचिव एवं 20 महाविद्यालयों के प्रभारी प्राचार्य शामिल है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर डॉ. अनुपमा रावत, विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी डॉ. अनिल पाठक, डॉ. राकेश श्रीवास्‍तव उपस्‍थ‍ित रहे।

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