शहीदों को नमन: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की कुर्बानी को PM मोदी ने किया याद

23 मार्च: शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि, देश के लिए अमर बलिदान-आज का दिन भारत के इतिहास में एक बेहद भावुक और गौरवपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन हम देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों की शहादत को याद करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर इन महान क्रांतिकारियों को याद करते हुए उनके आदर्शों को देश के लिए प्रेरणा बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 मार्च को भगत सिंह, शिवराम राजगुरु और सुखदेव थापर को उनकी शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन वीरों की कुर्बानी आज भी हर भारतीय के दिल में जिंदा है और उनकी याद हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
कम उम्र में दिखाया अद्भुत साहस-प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि इन क्रांतिकारियों ने बहुत कम उम्र में ही देशभक्ति और साहस का अद्भुत उदाहरण पेश किया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की आजादी को सर्वोपरि रखा। उनका यह जज्बा आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
न्याय और देशभक्ति के आदर्श आज भी जीवित-मोदी ने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के विचार—न्याय, देशभक्ति और निडरता—आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करते हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि देश के लिए खड़ा होना और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना कितना जरूरी है।
अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ चुना बलिदान का रास्ता-उस समय जब अंग्रेजी शासन बहुत मजबूत था, तब भी इन वीरों ने बिना डरे उसके खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए बलिदान का रास्ता चुना और देश के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। उनका यह त्याग इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा।
1931 में दी गई थी फांसी, आज भी जिंदा है उनकी याद-23 मार्च 1931 को ब्रिटिश शासन ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी थी। यह दिन आज भी पूरे देश में ‘शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। उनकी शहादत ने आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा दी और देशवासियों में जोश भर दिया।
देशवासियों के दिलों में हमेशा अमर रहेंगे-इन तीनों वीर सपूतों की कुर्बानी सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि आज भी हर भारतीय के दिल में जिंदा है। उनका साहस, त्याग और देशप्रेम आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा और देशभक्ति की भावना को मजबूत बनाए रखेगा।
23 मार्च का दिन हमें याद दिलाता है कि देश की आजादी के लिए कितनी बड़ी कुर्बानी दी गई। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीरों की कहानी हमें हमेशा देशभक्ति और साहस की सीख देती रहेगी। उनकी शहादत को याद करके हम अपने कर्तव्यों को समझें और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।



