तेलंगाना सरकार का फैसला: रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को रोज एक घंटा पहले छुट्टी

तेलंगाना सरकार ने रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को दी खास छूट, रोजा रखने वालों को मिलेगा ऑफिस से जल्दी जाने का मौका- तेलंगाना सरकार ने रमजान के पवित्र महीने में मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को विशेष रियायत देने का फैसला किया है। अब रोजा रखने वाले कर्मचारी नमाज अदा करने के लिए दफ्तर से एक घंटा पहले जा सकेंगे। यह कदम धार्मिक कर्तव्यों और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगा।
कौन-कौन से कर्मचारी होंगे इस छूट के दायरे में?-सरकार के आदेश के मुताबिक, राज्य के सभी विभागों, शिक्षकों, संविदा और आउटसोर्सिंग स्टाफ, बोर्ड, निगम और सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारी रोजा के दौरान शाम 4 बजे कार्यालय से जा सकेंगे। यह व्यवस्था 19 फरवरी से 20 मार्च तक लागू रहेगी। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं में लगे कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
शिक्षा विभाग ने भी बदला स्कूल का समय-तेलंगाना के शिक्षा विभाग ने रोजा रखने वाले छात्रों की सुविधा के लिए उर्दू माध्यम स्कूलों का समय सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कर दिया है। यह परंपरा तेलंगाना में रमजान के दौरान पहले भी कई बार अपनाई जाती रही है ताकि बच्चों को भी धार्मिक और शैक्षणिक दोनों जिम्मेदारियों में संतुलन मिल सके।
राजनीतिक विवाद: भाजपा ने उठाए सवाल-इस फैसले के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री बांदी संजय कुमार और अन्य भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि रमजान में छूट दी जा सकती है तो 41 दिवसीय अय्यप्पा दीक्षा या अन्य हिंदू उपवासों के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं होती? उन्होंने सभी धर्मों के लिए समान व्यवहार की मांग की है।
सरकार का जवाब: अस्थायी प्रशासनिक सुविधा-तेलंगाना सरकार का कहना है कि यह छूट एक अस्थायी प्रशासनिक सुविधा है, जिसका मकसद धार्मिक आस्था और सरकारी कामकाज के बीच संतुलन बनाना है। सरकार ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी धर्म विशेष को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि कर्मचारियों की सुविधा सुनिश्चित करना है।
रमजान 2026 कब शुरू होगा?-खगोलीय गणनाओं के अनुसार भारत में रमजान 2026 की शुरुआत 19 फरवरी से होने की संभावना है, लेकिन अंतिम फैसला नए चांद के दिखने पर होगा। अगर 18 फरवरी की शाम चांद नजर आता है तो 19 फरवरी को पहला रोजा रखा जाएगा, नहीं तो 20 फरवरी से रमजान शुरू माना जाएगा।
रमजान: इबादत, सब्र और नेकियों का महीना-रमजान का महीना खुदा की इबादत, दान और आत्म-चिंतन का समय होता है। रोजेदार सुबह फज्र से पहले सहरी करते हैं और सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ रोजा खोलते हैं। इस दौरान लोग खुदा से माफी मांगते हैं, जरूरतमंदों की मदद करते हैं और बुरे विचारों से दूर रहते हैं। महीने के अंत में ईद का त्योहार मनाया जाता है, जो खुशियों और भाईचारे का संदेश देता है।
तेलंगाना सरकार का यह फैसला मुस्लिम कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन राजनीतिक बहसों के बीच यह सवाल भी उठता है कि सभी धर्मों के लिए समान अवसर और सुविधाएं कैसे सुनिश्चित की जाएं।



