बीजिंग में खौफ का खेल: ट्रंप फैक्टर, जनरल की गिरफ्तारी और शी जिनपिंग का सत्ता बचाने का आखिरी दांव

चीन की सत्ता में हलचल: जनरल झांग यूश्या की गिरफ्तारी और शी जिनपिंग की चुनौती-बीजिंग के सत्ता गलियारों में इन दिनों बेचैनी का माहौल है। जनवरी 2026 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने सबसे भरोसेमंद जनरल झांग यूश्या को गिरफ्तार कर दिया, जिससे लंबे समय से चल रही ‘तख्तापलट’ की अटकलें और तेज हो गई हैं। यह मामला सिर्फ भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि शी जिनपिंग की सत्ता बचाने की कड़ी कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है।
ट्रंप की वापसी और चीन में बढ़ती असुरक्षा-डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिकी राजनीति में वापसी के साथ ही चीन के अंदर सैन्य असंतोष भी बढ़ा है। इस वजह से शी जिनपिंग पहले से ज्यादा सतर्क और असहज महसूस कर रहे हैं। वे अब अपने पुराने भरोसेमंद साथियों को भी जेल भेजने से नहीं हिचक रहे, ताकि सत्ता की राह में आने वाले किसी भी खतरे को खत्म किया जा सके।
सेना में बड़े बदलाव: ‘सेक्रेड गेम्स’ की रणनीति-चीन की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में अब सन्नाटा है। शी जिनपिंग ने इसके सात शीर्ष जनरलों में से पांच को भ्रष्टाचार के आरोप में हटाया है। पूर्व रक्षा मंत्री से लेकर कई बड़े जनरलों को बाहर किया गया है। इसका मकसद 2027 की पार्टी कांग्रेस से पहले हर विरोध को दबा देना है।
झांग यूश्या की गिरफ्तारी और ‘प्रिंसलिंग’ राजनीति का अंत-शी जिनपिंग और जनरल झांग यूश्या की दोस्ती दशकों पुरानी थी, दोनों के पिता माओ के दौर के प्रभावशाली नेता थे। लेकिन सत्ता पर खतरा महसूस होते ही जिनपिंग ने इस रिश्ते को भी कुर्बान कर दिया। झांग की गिरफ्तारी सेना को यह संदेश देने के लिए है कि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है।
ट्रंप फैक्टर और परमाणु रहस्य लीक की अफवाहें-बीजिंग में चर्चा है कि कुछ असंतुष्ट चीनी जनरल्स ने ट्रंप के साथ गुप्त समझौता किया हो। अफवाहें हैं कि झांग यूश्या ने अमेरिका को चीन के परमाणु कार्यक्रम की संवेदनशील जानकारी दी। ट्रंप की ‘सीक्रेट प्लानिंग’ और टैरिफ दबाव ने जिनपिंग के संदेह को और बढ़ा दिया है।
अंदरूनी बगावत और सत्ता परिवर्तन का डर-चीनी नेतृत्व को डर है कि अमेरिका असंतुष्ट सैन्य अधिकारियों को समर्थन देकर बीजिंग में सत्ता परिवर्तन कर सकता है। इसी डर से जिनपिंग लगातार कठोर फैसले ले रहे हैं। सेना में हो रही गिरफ्तारियां सिर्फ भ्रष्टाचार विरोधी अभियान नहीं, बल्कि संभावित विद्रोह को रोकने की रणनीति हैं।
ताइवान को लेकर मतभेद और झांग की दूरी-रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, जनरल झांग यूश्या ताइवान पर जल्दबाजी में सैन्य कार्रवाई के खिलाफ थे। उनका मानना था कि इससे चीन को भारी नुकसान होगा। यह असहमति शी जिनपिंग की विस्तारवादी सोच के खिलाफ थी, जिससे झांग सत्ता के केंद्र से दूर होते गए और अंततः गिरफ्तार हो गए।
बेटी शी मिंघेज के लिए रास्ता बना रहे हैं जिनपिंग-70 वर्षीय शी जिनपिंग अब अपनी सत्ता की विरासत सुरक्षित करने की तैयारी में हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे अपनी बेटी शी मिंघेज को भविष्य में अहम भूमिका में ला सकते हैं। हार्वर्ड से पढ़ी मिंघेज को आगे बढ़ाकर जिनपिंग न सिर्फ अपनी विचारधारा, बल्कि परिवार की सुरक्षा भी मजबूत करना चाहते हैं। झांग की विदाई को इसी रणनीति से जोड़ा जा रहा है।चीन की सत्ता में चल रही यह अंदरूनी लड़ाई शी जिनपिंग की सत्ता बचाने की जद्दोजहद को दर्शाती है। जनरल झांग यूश्या की गिरफ्तारी और सेना में बड़े बदलाव इस बात का संकेत हैं कि बीजिंग में अब कोई भी सुरक्षित नहीं है। आने वाले समय में चीन की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जो वैश्विक राजनीति को भी प्रभावित करेंगे।



