ट्रेड में दस्तावेज़ जमा करने का झंझट होगा खत्म: सरकार ला रही है नया डिजिटल प्लेटफॉर्म

ऑनलाइन होगा ट्रेड से जुड़े दस्तावेज़ों का काम!-भारत सरकार एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने जा रही है जिससे व्यापार सुरक्षा जांच के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ आसानी से ऑनलाइन जमा हो सकेंगे। इससे काम में तेज़ी आएगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी को आसानी से जानकारी मिलेगी।
DGTR करेगा निगरानी-वाणिज्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाला ‘डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ ट्रेड रेमेडीज़’ (DGTR) इस पूरे काम की निगरानी करेगा। DGTR का काम है यह सुनिश्चित करना कि दूसरे देशों से सस्ते दामों में आने वाली चीज़ों से भारतीय उद्योगों को नुकसान न हो। इसके लिए DGTR समय पर जांच करता है और ज़रूरत पड़ने पर सुझाव देता है। DGTR की जांच से कई घरेलू उद्योगों को फायदा हुआ है, खासकर सोलर एनर्जी, सोलर सेल्स और कॉपर वायर जैसे उद्योगों को।
1200 से ज़्यादा मामले सुलझा चुका है DGTR-1995 से अब तक DGTR 1200 से ज़्यादा मामलों की जांच कर चुका है। इन जांचों से कई भारतीय उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया गया है। DGTR ने समय पर कार्रवाई करके भारतीय कंपनियों के हितों की रक्षा की है।
जल्द ही शुरू होगा नया डिजिटल प्लेटफॉर्म-सरकार का कहना है कि यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म जल्द ही शुरू हो जाएगा। इससे दस्तावेज़ जमा करने का सारा काम ऑनलाइन हो जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, दस्तावेज़ों पर नज़र रखना आसान होगा और सभी को एक जैसी जानकारी मिलेगी। कारोबारियों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
DGTR के काम की अहमियत-DGTR डंपिंग, सब्सिडी और ज़्यादा आयात जैसी चीज़ों की जांच करता है। इसमें एंटी-डंपिंग, एंटी-सब्सिडी (जिसे काउंटरवेलिंग ड्यूटी कहते हैं) और सेफगार्ड जांच शामिल हैं। जांच के बाद DGTR वित्त मंत्रालय को सुझाव देता है कि आयात पर ड्यूटी लगानी चाहिए या नहीं।
विदेशों में भी करता है DGTR काम-DGTR सिर्फ़ भारत में ही नहीं, विदेशों में भी भारतीय निर्यातकों की मदद करता है। इसके ट्रेड डिफेंस विंग ने कई बार विदेशी एजेंसियों के ख़िलाफ़ केस जीते हैं, जिससे भारतीय वस्तुओं पर लगने वाली ड्यूटी कम हुई है या हट गई है।
कैसे बना DGTR?-DGTR का गठन 2018 में दो पुराने विभागों—डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ एंटी-डंपिंग एंड एलाइड ड्यूटीज़ (DGAD) और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ सेफगार्ड्स—को मिलाकर किया गया था। इससे जांच की प्रक्रिया तेज़ और ज़्यादा प्रभावशाली हुई है।
एक मज़बूत सुरक्षा कवच-सरकार का यह डिजिटल प्लेटफॉर्म दस्तावेज़ जमा करने के काम को आसान बनाएगा और घरेलू उद्योगों को सुरक्षा देगा। DGTR की भूमिका और भी अहम होने वाली है, और यह डिजिटल कदम इसकी ताकत को बढ़ाएगा।



