ट्रंप का दावा: “मैंने भारत-पाक के बीच जंग रोकवाई” – पर क्या वाकई ऐसा हुआ?

भारत-पाकिस्तान तनाव: क्या ट्रम्प ने वाकई में सुलह कराई?- पिछले हफ़्ते भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव के बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने दोनों देशों के बीच सुलह कराई है। लेकिन क्या वाकई ऐसा हुआ? आइये जानते हैं।ट्रम्प का दावा: एक हज़ार साल पुराना झगड़ा खत्म
कतर में अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने कहा, “मैं ये नहीं कहना चाहता, लेकिन मैंने पाकिस्तान और भारत के बीच के झगड़े को सुलझाने में मदद की, जोकि बहुत ही ख़राब स्थिति में पहुँच गया था।” उन्होंने कहा कि वो दोनों देशों से व्यापार करने पर बात कर रहे थे, युद्ध नहीं। ट्रम्प ने इस दावे को कई बार दोहराया है। भारत का पक्ष: कोई तीसरा पक्ष नहीं भारत सरकार के सूत्रों का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच आपसी सहमति से ही गोलाबारी बंद हुई। इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी। कश्मीर मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला है, जिसमें किसी और देश की दखलंदाजी की गुंजाइश नहीं है। क्या हुआ था असल में? 7 मई को भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद 8, 9 और 10 मई को पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की। चार दिनों तक चली इस तेज आदान-प्रदान के बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच समझौता हुआ और गोलाबारी बंद हुई। सवाल बना हुआ है अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों के बावजूद, भारत का कहना है कि तनाव कम होने में किसी तीसरे पक्ष का कोई योगदान नहीं था। यह सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या ट्रम्प का दावा सच है या फिर यह सिर्फ़ एक राजनीतिक बयान है?



