15 साल का इंतज़ार और अब नया खतरा: सुपरटेक खरीदारों की NBCC को लेकर गुहार

15 साल का इंतज़ार, और अब ये नया मोड़! सुपरटेक खरीदारों का दर्द-सुपरटेक के घर खरीदार पिछले 15 सालों से अपने सपनों के घर का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि NBCC (एक सरकारी कंपनी) उनके अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करेगी, लेकिन अचानक अपेक्स ग्रुप सामने आ गया है। इससे खरीदारों में डर है कि कहीं उन्हें अपना घर न मिल पाए। उन्होंने प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अपेक्स को रोकने और NBCC को ही काम सौंपने की गुहार लगाई है।
IBC नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहा है अपेक्स?-खरीदारों का कहना है कि अपेक्स ग्रुप IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) नियमों का उल्लंघन कर रहा है। IBC के मुताबिक, दिवालिया कंपनी से जुड़ा कोई भी व्यक्ति या संस्था रेज़ॉल्यूशन प्लान नहीं पेश कर सकता। लेकिन सुपरटेक ने अपेक्स को को-डेवलपर बनाया है, जिसे खरीदार सुपरटेक का ‘प्रॉक्सी प्लेयर’ मान रहे हैं, जो उनकी नहीं, बल्कि सुपरटेक की ही रक्षा करेगा।
देर से आया अपेक्स, संदेह की सुई घूम रही है-खरीदारों का मानना है कि अगर अपेक्स ईमानदार होता, तो वो 2022 में ही अपना प्लान पेश करता। लेकिन वो तब सामने आया जब NCLAT ने NBCC के पक्ष में फैसला दिया। फिर अपेक्स सुप्रीम कोर्ट गया और NBCC के ऑर्डर पर रोक लगाने की कोशिश की। खरीदारों को लगता है कि ये NBCC को रोकने की चाल है।
पैसों का दावा, लेकिन भरोसा कहाँ?-अपेक्स दावा करता है कि वो 2000 करोड़ रुपये जुटाएगा, लेकिन खरीदारों को इस पर भरोसा नहीं है। उनका सवाल है कि अगर पैसे नहीं आए तो उनका नुकसान कौन उठाएगा? 15 सालों से मुश्किलें झेल रहे खरीदार अब किसी भी जोखिम को लेने को तैयार नहीं हैं। अपेक्स का ट्रैक रिकॉर्ड भी इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने की क्षमता नहीं दिखाता।
भरोसे का सवाल, पुराने जख्म हरे हैं-EV-2 वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव केके कालरा कहते हैं, “सुपरटेक ने हमें 2009-10 में सपने दिखाए, लेकिन 15 साल बाद भी हम EMI और किराया दोनों दे रहे हैं। हम एक छोटे निजी बिल्डर पर कैसे भरोसा करें, खासकर जब वो सुपरटेक से जुड़ा हो?” इसके अलावा, सुपरटेक पर 30 से ज़्यादा धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं और CBI जाँच भी चल रही है।
बहुमत का झूठा दावा, NBCC पर है खरीदारों का भरोसा-अपेक्स का दावा है कि उसे ज़्यादातर खरीदारों का समर्थन है, लेकिन खरीदार इसे झूठा बताते हैं। उनका कहना है कि असली बहुमत NBCC के साथ है, क्योंकि NBCC एक सरकारी कंपनी है और उसने पहले भी बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए हैं।
पीएम और CJI से आखिरी गुहार: NBCC को मौका दें-खरीदारों ने अपने पत्र में साफ कहा है कि उनका प्रोजेक्ट NBCC को दिया जाए। उनका कहना है कि NBCC एक भरोसेमंद कंपनी है। 13 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है, और खरीदारों को उम्मीद है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा।



