Madhya Pradesh

नीमच में 15 टन अवैध नशा नष्ट, 8 करोड़ की खेप जलकर खाक

नीमच में 15 टन ड्रग्स का खात्मा: नशे के सौदागरों पर करारा प्रहार!

एक बड़ी कार्रवाई, जिसने मचाई हलचल-मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक बेहद अहम खबर सामने आई है। यहाँ खोर स्थित अल्ट्राटेक फैक्ट्री में एक ज़बरदस्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई के तहत, उज्जैन जोन के सात अलग-अलग जिलों से ज़ब्त की गई करीब 15 टन अवैध नशीली दवाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। सोचिए, 15 टन! इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह सब गृह मंत्रालय के ‘ड्रग डिस्ट्रक्शन अभियान’ का हिस्सा था, जिसका मकसद नशे के कारोबार पर लगाम कसना है। ज़ब्त किए गए पदार्थों में अफीम, डोडाचूरा, गांजा, स्मैक, एमडी और चरस जैसे खतरनाक ड्रग्स शामिल थे। इन्हें अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के बॉयलर में बहुत ज़्यादा तापमान पर जलाया गया, ताकि पर्यावरण को ज़रा भी नुकसान न पहुँचे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भारी पुलिस बल और कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।

नशे के खिलाफ ‘ड्रग डिस्ट्रक्शन अभियान’ का जलवा-गृह मंत्रालय की एक बेहतरीन पहल, ‘ड्रग डिस्ट्रक्शन अभियान’, का मुख्य उद्देश्य ज़ब्त किए गए नशे को सुरक्षित और स्थायी तरीके से खत्म करना है। इसी कड़ी में, नीमच की इस फैक्ट्री में 15 टन से ज़्यादा अवैध ड्रग्स को जलाकर खाक कर दिया गया। यह कदम सिर्फ नशे के खिलाफ एक कड़ा संदेश ही नहीं देता, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

किन जिलों से आया ये ज़हरीला माल?-इस बड़ी कार्रवाई में उन मादक पदार्थों को नष्ट किया गया, जिन्हें नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, देवास और आगर-मालवा जिलों की पुलिस ने पिछले कुछ समय में ज़ब्त किया था। खासकर नीमच-मंदसौर इलाका अफीम की खेती के लिए जाना जाता है और यहाँ से तस्करी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। ऐसे में, इन जिलों से ज़ब्त किए गए नशे को नष्ट करना कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

अफसरों की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्रवाई की अहमियत-पूरी प्रक्रिया के दौरान, उज्जैन और रतलाम रेंज के दो डीआईजी (DIG) और नीमच, मंदसौर, रतलाम व उज्जैन जिलों के एसपी (SP) जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने खुद इस बात का ध्यान रखा कि यह पूरा अभियान पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए पुलिस का भारी जाब्ता भी तैनात था। अधिकारियों की सीधी मौजूदगी ने इस कार्रवाई की गंभीरता को और भी बढ़ा दिया।

नशे के सौदागरों के नेटवर्क पर सीधा वार-रतलाम रेंज के डीआईजी, निमिष अग्रवाल, ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सीधे तौर पर नशे के सौदागरों के नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार है। ज़ब्त की गई खेप की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों को नष्ट करना यह साफ दिखाता है कि सरकार और प्रशासन नशे के खिलाफ कितने गंभीर हैं। उनका कहना था कि इस अभियान से तस्करों को एक कड़ा संदेश मिला है कि उनकी अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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