
जश्ने ईद मिलादुन्नबी 19 अक्टूबर को उल्लास से मनाया जाएगा। हालांकि, कोरोना गाइडलाइन के अनुसार नियमों का पालन करते हुए इस बार जुलूस नहीं निकाला जा रहा है। बैजनाथपारा के सीरत मैदान में सुबह परचमकुशाई की रस्म अदा की जाएगी। ईद मिलादुन्नबी की तैयारी अनेक मोहल्लों और मस्जिदों में जोरशोर से की जा रही है।
पैगंबर-ए-इस्लाम-मोहम्मद साहब के जन्मदिवस को ईद मिलादुन्नबी के रूप में मनाया जाता है। इस्लामिक तारीख के अनुसार 12 रबीउल अव्वल के महीने में ईदगाह, मस्जिदों में नमाज अता की जाएगी। हर साल जुलूस निकाला जाता है, मस्जिदों में विद्युत साज सज्जा की गई है और मोहल्लों को रंग बिरंगे तोरणों, बैनरों से सजाया गया है।
सुबह छह बजे परचमकुशाई रस्म होगी। इसके बाद सुबह नौ बजे बैजनाथ पारा स्थित सीरत मैदान में परचमकुशाई की रस्म निभाने के लिए आठ बजे से ही कई मोहल्लाें से समाज के लोग आने लगेंगे। इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। इसमें हुजूर कायदे मिल्लत हजरत अल्लामा मौलाना सैय्यद मोहम्मद महमूद अशरफ अशरफी उलजिजानी के मुबारक हाथों से परचमकुशाई की रस्म अदा की जाएगी।
21 अक्टूबर को शहीद स्मारक भवन में दोपहर 3 बजे से बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। रात्रि 9 बजे से सीरत मैदान में आल इंडिया नातिया मुशायरा का आयोजन किया जा रहा है। मुशायरे में शायर दिलबर शाही कोलकाता, शायर नूर अली रजा कानपुरी, उत्तर प्रदेश, शायर शहजाद संबलपुरी, डा.जहीर रहबर रायपुर, युसूफ अशरफी रायपुर शिरकत करेंगे।
22 अक्टूबर को ओलमा-ए-किराम की तकरीर होगी। इसमें हजरत मौलाना मुफ्ती सलमान रजा अजहरी मुंबई तकरीर करेंगे। जुमे की नमाज दरगाह हजरत सैय्यद शेर अली आगा में हजरत मौलाना मुफ्ती मो. सलमान अजहरी मुंबई पढ़ाएंगे।



