सीमेंट के दाम कम हड़ताल खत्म होने से, बाजार भाव 320 से लेकर 350 सौ रुपये तक चल रहा था

अब सीमेंट के भाव कम हो जाएंगे। वर्तमान स्थिति में जो सीमेंट के बाजार भाव 320 से लेकर 350 सौ रुपये तक चल रहा था वह अपने पुराने दर पर आ जाएगाट्रांसपोर्टर संयुक्त संघ कोर कमेटी के अध्यक्ष अंचल भाटिया ने बताया कि हड़ताल करने से किसी को फायदा नहीं होता। हड़ताल से सभी का नुकसान ही होता है। मजबूरी में हड़ताल किया गया था। डीजल के दर में लगातार वृद्धि हो रही है और सीमेंट कंपनियों के द्वारा भाड़ा नहीं बढ़ाया जा रहा था। जो भाड़ा 50 रुपये डीजल के भाव थे तब दिया जा रहा था
भाड़ा आज तक चल रहा था। इसी को लेकर ट्रांसपोर्टरों के द्वारा पूरे राज्य में हड़ताल किया गया। यह हड़ताल लगातार 42 दिन चला, ट्रांसपोर्टर संघर्ष करते रहे लेकिन एकता रंग लाई। इस हड़ताल को सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर की मध्यस्थता समाप्त की गई तथा हमारी मांगे मान ली गई है।
सीमेंट कंपनी और ट्रांसपोर्टरों के समझौते के बीच 25 प्रतिशत तक भाड़ा बढ़ाया गया है। बाकी मांगों को लेकर अतिरिक्त परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा के नेतृत्व में समिति बनाई गई है अंचल भाटिया ने बताया कि 11 सूत्री मांगों को लेकर हम लोग हड़ताल में गए थे , जिसमे कई मांगे पूरी नहीं हुई है। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से लगभग 20 हजार ट्रकों के पहियों में जाम लगा हुआ था। अब समझौते से सीमेंट फैक्ट्रियों में उत्पादन और परिवहन का कार्य तेजी से शुरू हो गया है।
सीमेंट बोरी सीधे 300 से लेकर 350 रुपये तक बाजार में बिक रहा था ।इसे लेकर कई जगह काम प्रभावित भी हुआ है। अंचल भाटिया ने बताया कि यह कीमत सीमेंट ट्रेडर के द्वारा बढ़ा दिया गया था । अब सीमेंट फैक्ट्री शुरू हो जाने से सीमेंट के दामों में कमी आएगी ,लोगों को राहत मिलेगा। संयुक्त संघ कोर कमेटी के अध्यक्ष अंचल भाटिया ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं परिवहन मंत्री का आभार माना है



