कोविड 19 कर्मियों ने दिया धरना… पुनःकाम पर रखने के लिए

इसके विरोध में क्रांतिकारी कोरोना योद्धा संघ छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर धरना देकर पुनः काम पर लिए जाने की मांग की जा रही है। मालूम हो कि कोरोना वायरस संघ के कर्मी पिछले डेढ़ महीने से लगातार बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में अभी भी स्वास्थ्यकर्मियों की कमी बनी हुई है और वर्तमान में नई भर्ती भी ली जानी है, इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी अस्थायी कोविड 19 कर्मचारियों को कार्य पर रखा जाए और जिन कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है उन्हें पुनः काम पर रखा जाए।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोरोना काल के दौरान पहली और दूसरी लहर में जिन अस्थायी कोविड-19 कर्मचारियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए सेवा दी थीं। अब वर्तमान में उन्हीं के सामने आर्थिक तंगी के साथ ही रोजगार की चिंता सता रही है। वर्तमान में कोरोना वायरस कम होने पर अब उन कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है
कोरोना वायरस के दौरान डाक्टर, माइक्रोबायोलाजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य संयोजक, वार्ड बाय, कंप्यूटर आपरेटर, सफाई कर्मी आदि कामों पर अस्थायी नियुक्ति में रखे गए थे। धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे अस्थायी कोविड-19 कर्मचारियों में से हुमेश जायसवाल, विनय कुमार, अजमत सिद्दीकी, विकास कुमार, गंगाराम धीवर, प्रवीण चंद्रा, महेंद्र चंद्रा, अनिता राठौर आदि का कहना है कि एनएचएम के तहत संविदा या फिर नियमित कर कर्मियों का भविष्य सुरक्षित किया जाए



