Google Analytics Meta Pixel
Politics

“अखंड भारत का सपना अधूरा क्यों रह गया? शिवसेना (UBT) ने मोदी सरकार पर साधा निशाना”

 चार दिन और लड़ाई: क्या पाकिस्तान भारत का हो सकता था?- यह लेख शिवसेना (UBT) के दावे पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि अगर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ चार दिन और सैन्य कार्रवाई जारी रखी होती, तो परिणाम बहुत अलग होते।

 क्या अमेरिका ने रोका भारत का ‘विजय रथ’?- शिवसेना का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप ने भारत को एक बड़ा मौका गँवाने पर मजबूर कर दिया। उनका मानना है कि भारत को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और बलूचिस्तान पर कब्ज़ा करना चाहिए था। यह विचार सावरकर के अखंड भारत के सपने से प्रेरित है।

मोदी सरकार पर तीखा हमला- शिवसेना ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर सावरकर के सपने को पूरा करने का मौका गँवाने का आरोप लगाया है। इससे पार्टी ने भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे पर भी सवाल उठाए हैं। शिवसेना ने कहा है कि अब मोदी को सावरकर के नाम पर राजनीति करने का कोई हक नहीं है।  अमित शाह और शिंदे पर भी निशाना लेख में अमित शाह और एकनाथ शिंदे पर भी निशाना साधा गया है। कहा गया है कि ये नेता भी अखंड भारत की बातें करते हैं, लेकिन कदम नहीं उठाते। शिवसेना ने इसे दिखावटी राष्ट्रवाद बताया है।

युद्धविराम और अमेरिका की भूमिका- भारत और पाकिस्तान ने आपसी सहमति से सैन्य कार्रवाई रोकी। इससे पहले चार दिन तक ड्रोन और मिसाइल हमले हुए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम की जानकारी दी और दावा किया कि अमेरिका ने मध्यस्थता की।

 संजय राउत का तंज- शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने मोदी के भाषण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भाषण किसी विजेता नेता की तरह नहीं था। राउत ने मोदी और अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि वे राजनीतिक पार्टियों को तोड़ सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान को नहीं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button