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मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अभी बाकी, 34 जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री में देरी, 34 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट-मध्य प्रदेश के लोगों को इस बार मानसून के आने में थोड़ी और देरी का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो रही हैं, कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ी है और कुछ जगह हल्की से मध्यम बारिश भी हो रही है। मौसम विभाग ने 34 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, कई इलाकों में अभी भी तेज धूप और गर्मी का असर बना हुआ है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ रहा है।

34 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी-मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश के 34 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। इनमें ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, शिवपुरी, शाजापुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मुरैना, मंदसौर, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, टीकमगढ़, गुना और भिंड जैसे जिले शामिल हैं। इन इलाकों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को।

कई जिलों में अभी भी तेज धूप और गर्मी का असर-जहां कुछ जिलों में बारिश की संभावना है, वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर जारी है। भोपाल, जबलपुर, सतना, सागर, रीवा, धार, दमोह, झाबुआ जैसे जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। इन इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून आने से पहले इस तरह के मिले-जुले मौसम का होना सामान्य बात है।

मानसून की एंट्री में इस बार हो रही देरी-मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार मानसून सामान्य समय से लगभग एक सप्ताह देरी से मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून की एंट्री अलग-अलग समय पर हुई है। उदाहरण के लिए, 2021 में मानसून 9 जून को पहुंचा था, जबकि 2018 में 25 जून को। इस बार देरी के कारण किसानों और आम लोगों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि बारिश के बिना खेती और जल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं।

किसानों की चिंता बढ़ी, बुवाई पर पड़ सकता है असर-मानसून की देरी का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ सकता है। खरीफ सीजन की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे किसान अब चिंतित हैं। कई जिलों में अभी तक सामान्य से कम बारिश हुई है, जिससे खेतों में नमी की कमी हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश समय पर नहीं हुई तो सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों की नजरें मौसम विभाग की अगली रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

अगले कुछ दिनों तक मौसम रहेगा बदलता हुआ-मौसम विभाग ने बताया है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कहीं बारिश तो कहीं तेज धूप जैसी स्थिति बनी रहेगी। प्री-मानसून गतिविधियों के चलते कई इलाकों में बादल, आंधी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, मानसून की मुख्य बारिश के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना होगा। जैसे ही अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी, मानसून तेजी से प्रदेश में फैल जाएगा और गर्मी से राहत मिलेगी।

 

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