अब नहीं चलेगी मनमानी: MP में 25 से ज्यादा पेड़ काटने के लिए लेनी होगी स्पेशल मंजूरी

मध्य प्रदेश में पेड़ों की कटाई: अब होगी सख्ती!-मध्य प्रदेश में विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई पर लगाम लग गई है! नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नए फैसले से अब पेड़ काटना आसान नहीं होगा। पर्यावरण की रक्षा के लिए ये कड़े नियम लागू किए गए हैं।
25 से ज़्यादा पेड़ काटने पर मिलेगी उच्च स्तरीय मंज़ूरी-अब 25 से ज़्यादा पेड़ काटने के लिए एक खास समिति से मंज़ूरी लेनी होगी। इस समिति में पर्यावरण मंत्रालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन विभाग के बड़े अधिकारी होंगे। इससे मनमाने ढंग से पेड़ काटने पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
हर पेड़ की होगी जियो टैगिंग-पेड़ों की सही लोकेशन और संख्या का पूरा हिसाब रखने के लिए, हर पेड़ की जियो टैगिंग की जाएगी। यह तकनीक पेड़ों की सही जानकारी रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने में मदद करेगी।
पेड़ बचाने के विकल्पों पर होगा विचार-पेड़ काटने से पहले, यह देखा जाएगा कि क्या कोई और उपाय है। क्या सड़क या प्रोजेक्ट का रास्ता बदला जा सकता है, या पेड़ों को दूसरी जगह लगाया जा सकता है? पेड़ों को बचाना अब सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण होगा।
भोपाल का उदाहरण: 700 पेड़ों का मामला-भोपाल में 700 पेड़ों के कटान के मामले में एनजीटी ने यह सख्त फैसला दिया है। कोर्ट ने पाया कि पर्यावरण के नुकसान को नज़रअंदाज़ किया गया था।
हर छह महीने में रिपोर्ट-एनजीटी ने आदेश दिया है कि समिति हर छह महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें बताया जाएगा कि कहाँ पेड़ काटे गए, किस मंज़ूरी से और कितने नए पेड़ लगाए गए।
एक पेड़ काटने पर 10 से 100 पेड़ लगाने होंगे-जहाँ पेड़ काटे जाएँगे, वहाँ 10 से 100 गुना ज़्यादा पौधे लगाने होंगे। यह पेड़ों की उम्र और पर्यावरण पर उनके असर पर निर्भर करेगा।



