‘भतीजा गैंग’ के खिलाफ सुभेंदु अधिकारी की खुली चेतावनी, बोले- 50 नाम लाऊंगा सामने

टीएमसी पर छात्रों के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोप: क्या है पूरा सच?-पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी नेता सुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के छात्र संगठन पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी से जुड़ा एक ‘भतीजा गैंग’ छात्र-छात्राओं, खासकर लड़कियों को डरा-धमका रहा है।
‘भतीजा गैंग’ का आरोप: क्या है सच्चाई?-सुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि यह गैंग छात्रों को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा है कि वे 50 लोगों के नाम मंगलवार को सार्वजनिक करेंगे जो इस गैंग का हिस्सा हैं। यह आरोप कितना सही है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन, इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
मनोजित मिश्रा केस का जिक्र: एक और झटका-सुभेंदु ने दक्षिण कोलकाता के लॉ कॉलेज में हुए रेप केस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की हरकत नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की गड़बड़ी को दर्शाती है। उन्होंने इसी वजह से 2020 में टीएमसी छोड़ दी थी। इस बयान से साफ है कि वो इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।
9 अगस्त को ‘नबन्ना चलो’ आंदोलन: सड़कों पर उतरेंगे लोग-सुभेंदु ने 9 अगस्त को ‘नबन्ना चलो’ आंदोलन का ऐलान किया है। यह आंदोलन आरजी कार अस्पताल की डॉक्टर की रेप और हत्या की बरसी पर होगा। तीन अलग-अलग जगहों से निकलने वाली रैलियां नबन्ना (राज्य सचिवालय) पर पहुँचेंगी। पीड़िता के माता-पिता भी इस आंदोलन में शामिल होंगे।
सीएम ममता बनर्जी को चुनौती: ‘नबन्ना में पहले से हों मौजूद’-सुभेंदु ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दी है कि वे 9 अगस्त से पहले ही नबन्ना पहुँच जाएं। उनका मानना है कि उस दिन हजारों लोग सड़कों पर होंगे, और नबन्ना में आना-जाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने लोगों से बिना किसी राजनीतिक झंडे के इस रैली में शामिल होने की अपील की है।
पीड़िता के परिवार से मुलाकात: भावनात्मक समर्थन-सुभेंदु ने शनिवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भावनात्मक समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि अब उनका मकसद दोषियों को सजा दिलाना है। यह मुलाक़ात दिखाती है कि वो इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
टीएमसी का पलटवार: ‘झूठे आरोप’-टीएमसी प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने सुभेंदु के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। यह एक राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है।
क्या सुभेंदु का दावा साबित होगा?-अब सबकी निगाहें मंगलवार पर हैं, जब सुभेंदु 50 लोगों के नाम सार्वजनिक करेंगे। देखना होगा कि क्या वे इस बार कोई ठोस सबूत पेश कर पाएंगे या यह सिर्फ एक और राजनीतिक बयान ही रहेगा।



