कोरबा में 11वीं की छात्रा ने लगाई फांसी: स्कूल जाने पर डांट से नाराज होकर उठाया कदम

16 साल की अदिति की आत्महत्या: एक छोटी सी कहासुनी की भारी कीमत-एक छोटे से शहर कोरबा में, 16 साल की अदिति सोलंकी की आत्महत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। जैन पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की छात्रा अदिति की मौत ने न सिर्फ़ उसके परिवार को बल्कि पूरे समाज को गहरा सदमा पहुँचाया है। स्कूल जाने को लेकर हुए छोटे से विवाद ने एक नाज़ुक जीवन को हमेशा के लिए छीन लिया।
स्कूल जाने की कहासुनी और एक अनोखा अंत-घटना के अनुसार, अदिति रात को स्कूल जाने को लेकर अपने परिवार से बहस कर रही थी। अगली सुबह, उसका शव घर में पंखे से लटका मिला। यह एक ऐसी घटना है जो हमें सोचने पर मजबूर करती है कि छोटे-छोटे विवाद भी कितने बड़े नतीजे ला सकते हैं। परिवार का सदमे में होना स्वाभाविक है, और पुलिस इस मामले की गहन जाँच में जुटी हुई है।
एक जिद्दी स्वभाव और छोटी-छोटी बातें-परिवार के सदस्यों ने बताया कि अदिति थोड़ी जिद्दी स्वभाव की थी और छोटी-छोटी बातों पर भी आसानी से नाराज़ हो जाती थी। उदाहरण के लिए, कुछ दिन पहले उसने पास की दुकान से कुछ सामान उधार लिया था, जिसके लिए परिवार ने उसे समझाया था। ये छोटी-मोटी बातें, जो आम तौर पर अनदेखी कर दी जाती हैं, कभी-कभी बड़े विवादों का रूप ले लेती हैं और नतीजे बहुत गंभीर हो सकते हैं।
घरेलू तनाव और एक युवा जीवन का अंत-पुलिस जाँच में पता चला है कि यह मामला मुख्य रूप से घरेलू तनाव से जुड़ा हुआ है। कोरबा के सीएसपी भूषण एक्का ने इस बात की पुष्टि की है। अदिति की आत्महत्या एक कड़वा सच है जो हमें याद दिलाता है कि किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना कितना ज़रूरी है। छोटी-छोटी बातों को अनदेखा नहीं करना चाहिए और परिवारों को आपसी संवाद और समझदारी से काम लेना चाहिए ताकि ऐसे दुखद हादसों को रोका जा सके। यह घटना एक चेतावनी है, एक सबक है जो हमें अपने आस-पास के लोगों, खासकर युवाओं के प्रति अधिक संवेदनशील और समझदार बनने की याद दिलाती है।



