बालाघाट में बाघ के शव को जलाने का खुलासा: वन विभाग में मचा हड़कंप, छह चौकीदार गिरफ्तार, अफसर निलंबित

बालाघाट में बाघ का शव जलाने का मामला: वन विभाग में हड़कंप-मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक बाघ का शव जला दिया गया। यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर बाघ के जले हुए शव की तस्वीरें वायरल हुईं। इस घटना से वन विभाग में खलबली मच गई है और जांच शुरू कर दी गई है।
जंगल में मिला जल गया बाघ का शव-2 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरों में एक बाघ का बुरी तरह जला हुआ शव दिखाई दे रहा था। वन विभाग के अधिकारियों ने तुरंत एक जांच दल बनाया और डॉग स्क्वायड की मदद से तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि शव को जंगल से लगभग 3 किलोमीटर दूर एक नाले के पास ले जाकर जलाया गया था और उसकी राख पानी में बहा दी गई थी। इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गिरफ्तारियां और निलंबन: लापरवाही आई सामने-जांच के दौरान पता चला कि इस घटना में वन विभाग के ही कुछ कर्मचारी शामिल थे। डिप्टी रेंजर टीकाराम हनौते और बीटगार्ड हिमांशु घोरमारे समेत छह चौकीदारों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर शव को जलाकर सबूत मिटाने और इस घटना को अपने वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाने का आरोप है। डिप्टी रेंजर और बीटगार्ड को निलंबित कर दिया गया है। यह घटना वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की लापरवाही और उदासीनता को दर्शाती है।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल-बाघ के शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने की घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण के प्रति गंभीर लापरवाही को भी दर्शाता है। यह सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक समय रहते क्यों नहीं पहुंची? इस पूरे मामले की गहन जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना वन्यजीव संरक्षण के प्रति गंभीर चिंताएं बढ़ाती है।



