भारतमाला परियोजना में बड़ा विवाद: फर्जी दस्तावेजों से मुआवजा, कोलकाता निवासी ने लगाए गंभीर आरोप

भारतमाला परियोजना में मुआवजे का घोटाला: फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों का खेल!
अभनपुर में मुआवजे के फर्जीवाड़े का खुलासा, कोलकाता के व्यापारी ने लगाए गंभीर आरोप!-भारतमाला परियोजना के चलते अभनपुर क्षेत्र में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। कोलकाता के रहने वाले एक व्यापारी, सांवरमल अग्रवाल, ने इस मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) में शिकायत दर्ज कराई है। अग्रवाल का आरोप है कि उनकी ग्राम पचेड़ा स्थित निजी जमीन के मुआवजे का भुगतान पूरी तरह से फर्जी दस्तावेजों और बेनामी सौदों के आधार पर किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उनकी आपत्तियों को स्वीकार किए जाने के बावजूद, 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसी अन्य व्यक्ति को दे दी गई।
प्रशासनिक मिलीभगत का शक गहराया-शिकायतकर्ता सांवरमल अग्रवाल ने अपने आरोपों में स्पष्ट रूप से कहा है कि जमीन के नामांतरण (mutation) से लेकर फर्जी विक्रय पत्र (sale deeds) और दान पत्र (donation deeds) तक, सब कुछ स्थानीय प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है। यह आरोप मामले को और भी गंभीर बना देते हैं, खासकर तब जब यह बात सामने आती है कि अभनपुर के एक पूर्व एसडीएम को पहले भी इसी तरह की अनियमितताओं के चलते जेल की हवा खानी पड़ी थी।
दान की गई भूमि पर भी प्रश्नचिन्ह-सांवरमल अग्रवाल ने यह भी बताया कि उन्होंने लगभग 32 साल पहले यह जमीन समाज की भलाई के लिए दान में दी थी। इसी दान की गई भूमि पर आज गोबरा नवापारा में सेठ फूलचंद अग्रवाल स्मृति महाविद्यालय संचालित हो रहा है। जब उसी जमीन के मुआवजे में इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया, तो उन्होंने इसे समाज और शिक्षा के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार दिया है। उनका मानना है कि ऐसी हरकतें शिक्षा और समाज के प्रति घोर अन्याय हैं।
एसडीएम का जवाब और आगे की कार्रवाई-जब इस गंभीर मामले के संबंध में अभनपुर के एसडीएम से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने सीधे तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने मामले को सिविल कोर्ट का क्षेत्राधिकार बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि यह मामला काफी समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।



