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क्या इमरान खान वाकई सुरक्षित हैं? अदियाला जेल के बाहर बढ़ते हंगामे ने खड़े किए नए सवाल

इमरान खान की बहन को जेल में मिलने की अचानक अनुमति: क्या बढ़ रहा है राजनीतिक तनाव?- पाकिस्तान में इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने अचानक उनके परिवार को उनसे मिलने की अनुमति दे दी है। यह फैसला तब आया जब अदियाला जेल के बाहर उनके समर्थकों की भीड़ बढ़ने लगी थी और सोशल मीडिया पर उनकी हालत को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैल रही थीं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि इस फैसले के पीछे क्या वजहें हैं, इसका राजनीतिक माहौल पर क्या असर पड़ा है, और इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति को कैसे प्रभावित किया है।

अचानक मुलाकात की अनुमति और सोशल मीडिया पर उठे सवाल- इमरान खान, जो अगस्त 2023 से जेल में हैं, पिछले एक महीने से अपने परिवार से नहीं मिल पाए थे। अचानक यह खबर आई कि उनकी बहन डॉ. उज़मा खान को उनसे मिलने की इजाजत मिल गई है। यह कदम उस समय उठाया गया जब सोशल मीडिया पर उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। कई लोग पूछने लगे कि क्या वह सुरक्षित हैं या नहीं। जेल प्रशासन ने दावा किया कि इमरान खान पूरी तरह से ठीक हैं और उनकी सेहत को लेकर कोई चिंता की जरूरत नहीं है। PTI ने भी इस मुलाकात की पुष्टि की, लेकिन साथ ही सरकार पर भरोसा जताने को लेकर संशय भी जताया। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है, जिससे सरकार और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ा है।

अदियाला जेल के बाहर सुरक्षा कड़ी, इलाके में सख्ती- इमरान खान की सुरक्षा और मुलाकात को लेकर विवाद के बीच पंजाब सरकार ने रावलपिंडी में अदियाला रोड पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है। इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है और धारा 144 लागू है, जो चार या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाती है। इस सुरक्षा व्यवस्था का असर आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ा है। स्कूल-कॉलेज बंद हैं, और लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में दिक्कत हो रही है। पुलिस ने इलाके में कड़ी जांच-पड़ताल शुरू कर रखी है, और बिना पहचान पत्र दिखाए किसी को आगे नहीं जाने दिया जा रहा। सरकार का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी है, जबकि PTI समर्थक इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश मानते हैं।

वकीलों का विरोध और सरकार की सख्त चेतावनी- इमरान खान को परिवार और समर्थकों से अलग-थलग रखने के फैसले का विरोध अब अदालतों तक पहुंच गया है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर वकीलों ने प्रदर्शन किया और इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि किसी कैदी को इतने लंबे समय तक परिवार से मिलने से रोकना गलत है।
वहीं, गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने साफ कर दिया है कि धारा 144 को कड़ाई से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे लोग जेल के बाहर हों या अदालत के बाहर, कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार का दावा है कि यह सब सुरक्षा के लिए है, लेकिन PTI समर्थक इसे राजनीतिक दबाव का हिस्सा मानते हैं।

परिवार की चिंता और बेटे का सवाल: क्या इमरान खान वाकई जिंदा हैं?- इमरान खान के परिवार की चिंता अब सार्वजनिक हो गई है। उनके बेटे कासिम खान ने सरकार से सवाल किया है कि क्या उनके पिता सच में जिंदा हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार से सबूत मांगे हैं, क्योंकि लंबे समय से परिवार से मुलाकात नहीं हो पा रही थी। PTI ने भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार मुलाकात की अनुमति नहीं देती तो वे देशभर में बड़े प्रदर्शन करेंगे। इमरान खान की बहनों ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनके भाई के साथ कोई अनहोनी हुई तो इसके लिए जिम्मेदारों को देश और विदेश दोनों जगह जवाब देना होगा। परिवार चाहता है कि सरकार पारदर्शिता दिखाए और इमरान खान की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

राजनीतिक तनाव की नई लहर-इमरान खान की बहन को मिलने की अनुमति और उसके बाद की सुरक्षा व्यवस्था ने पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। जहां एक तरफ सरकार सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष और परिवार इसे राजनीतिक दमन का हिस्सा मान रहे हैं।
यह मामला पाकिस्तान की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बन चुका है, जिसका असर न केवल सड़कों पर बल्कि सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस विवाद का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव और गहरा हो सकता है।

 

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