“5 दिन का फ्लाइट हंगामा: DGCA ने IndiGo को दिया सख्त नोटिस”

पांच दिनों से उड़ानों में भारी संकट: इंडिगो एयरलाइन ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किलें
लगातार पांच दिन उड़ानों में गड़बड़ी, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी- देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले पांच दिनों से उड़ानों में भारी अव्यवस्था का सामना कर रही है। सैकड़ों उड़ानें या तो कैंसिल हो गईं या फिर लंबी देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतें हुईं। कई एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें लगीं और शिकायतों का तांता लग गया। ऑपरेशनल टीम पर काम का दबाव इतना बढ़ गया कि यात्रियों को समय पर सही जानकारी भी नहीं मिल पाई। इस लगातार चल रही समस्या ने सवाल खड़े कर दिए कि आखिर एयरलाइन की प्लानिंग और मैनेजमेंट में कहां कमी रह गई।
DGCA ने कड़ा रुख अपनाया, 24 घंटे में जवाब देने का दिया आदेश- स्थिति की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोरकेरस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक संस्था ने साफ कहा कि पांच दिनों से चल रही इस बड़ी गड़बड़ी से पता चलता है कि एयरलाइन की प्लानिंग और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक हुई है। DGCA ने दोनों अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। अब एयरलाइन की जिम्मेदार टीम से उम्मीद की जा रही है कि वे इस समस्या के असली कारणों को स्पष्ट रूप से बताएंगे।
सीईओ की जिम्मेदारी पर उठे सवाल, नोटिस में गंभीर आरोप- DGCA के नोटिस में यह भी कहा गया है कि एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स की जिम्मेदारी है कि संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर और सही तरीके से पूरी हों। लेकिन नोटिस के मुताबिक, उन्होंने यह सुनिश्चित नहीं किया कि एयरलाइन विश्वसनीय सेवाएं दे सके और यात्रियों को जरूरी सुविधाएं मिलें। इतने बड़े स्तर पर उड़ानों की गड़बड़ी यह दर्शाती है कि शीर्ष प्रबंधन की ओर से निगरानी और तैयारी में कमी रही। यह मामला एयरलाइन के नेतृत्व की जवाबदेही पर सवाल उठाता है।
FDTL नियमों के पालन में कमी बनी मुख्य वजह- DGCA ने बताया कि उड़ानों में हो रही समस्याओं की सबसे बड़ी वजह यह रही कि इंडिगो ने नए FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों के अनुसार पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। इन नियमों के तहत अतिरिक्त प्लानिंग और कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन एयरलाइन इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी। इसका नतीजा यह हुआ कि कई रूट प्रभावित हुए और उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। DGCA का मानना है कि अगर एयरलाइन ने पहले से बेहतर तैयारी की होती तो इतनी बड़ी समस्या नहीं होती।
केंद्र सरकार का दखल, मंत्री ने की सीईओ के साथ समीक्षा बैठक- उड़ानों में लगातार हो रही गड़बड़ियों को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने इंडिगो के सीईओ के साथ एक गंभीर बैठक की। इस बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने स्थिति की समीक्षा की और एयरलाइन से तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद एयरलाइन के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने साफ संकेत दिया है कि यात्रियों की परेशानियों को हल्के में नहीं लिया जाएगा और जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।



