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सिडनी के बॉन्डी बीच पर खूनखराबा: 30 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को दहला देने वाला आतंकी हमला

सिडनी के बॉन्डी बीच पर धार्मिक कार्यक्रम में हुई भीषण गोलीबारी: देश में मचा हड़कंप- ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर के प्रसिद्ध बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के धार्मिक कार्यक्रम ‘हनुका बाय द सी’ के दौरान अचानक हुई गोलीबारी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। खुशी के माहौल में अचानक दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पिता-पुत्र ने मिलकर किया हमला, पिता की मौके पर मौत- पुलिस जांच में पता चला कि इस हमले को अंजाम देने वाले दो लोग पिता और बेटा थे। 50 साल के साजिद अकरम को पुलिस ने मौके पर ही गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। उसका 24 वर्षीय बेटा नवीद अकरम घायल हालत में पकड़ा गया और अस्पताल में भर्ती है। दोनों ने मिलकर इस हमले की योजना बनाई थी, जिसकी जांच जारी है।

पाकिस्तानी मूल को लेकर उठी चर्चाएं, सरकार ने जताई सावधानी- अमेरिकी मीडिया के हवाले से खबर आई कि हमलावर पाकिस्तानी मूल के हो सकते हैं, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई सरकार और पुलिस ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने तक इस जानकारी को सावधानी से देखने की सलाह दी है ताकि किसी समुदाय को गलत तरीके से निशाना न बनाया जाए।

ऑस्ट्रेलिया में बसने की कहानी और सुरक्षा जांच- गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि नवीद अकरम ऑस्ट्रेलिया में जन्मा नागरिक है, जबकि उसके पिता साजिद 1998 में छात्र वीजा पर आए थे। सरकार अब यह भी जांच कर रही है कि इतने सालों में उनकी गतिविधियां कैसी रहीं और क्या सुरक्षा एजेंसियों की कोई चूक हुई। यह जांच भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए जरूरी मानी जा रही है।

‘हनुका बाय द सी’ कार्यक्रम बना निशाना, हजारों लोग थे मौजूद- यह हमला उस वक्त हुआ जब बॉन्डी बीच पर गर्मी का मौसम था और करीब एक हजार लोग यहूदी त्योहार हनुका के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल थे। परिवार, बच्चे और बुजुर्ग सभी मौजूद थे। शांतिपूर्ण माहौल में हुई इस हिंसा ने सभी को चौंका दिया, क्योंकि किसी ने भी खुले बीच पर ऐसी घटना की उम्मीद नहीं की थी।

दस मिनट की दहशत, लोग भागते रहे- चश्मदीदों के मुताबिक फायरिंग करीब 10 मिनट तक चली, जो लोगों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। गोलियों की आवाज सुनकर सैकड़ों लोग डर के मारे समुद्र, रेत और सड़कों की ओर भागे। पुलिस को शाम 6:45 बजे सूचना मिली और आपातकालीन सेवाएं तुरंत पहुंचीं। वीडियो में लोग तैराकी के कपड़ों में भागते नजर आए।

हथियारों को लेकर जांच जारी, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार- पुलिस ने अभी तक इस्तेमाल किए गए हथियारों की पूरी जानकारी नहीं दी है, लेकिन वीडियो में एक बोल्ट-एक्शन राइफल और शॉटगन दिखाई दी है। फॉरेंसिक जांच से पता चलेगा कि कितनी गोलियां चलाई गईं और किस हथियार से कितनी मौतें हुईं। जांच में सावधानी बरती जा रही है ताकि प्रक्रिया प्रभावित न हो।

फल दुकान मालिक बना हीरो, हमलावर से छीन ली बंदूक- इस घटना के बीच एक बहादुर व्यक्ति, फल दुकान मालिक अहमद अल अहमद की कहानी भी सामने आई। उन्होंने हमलावर से बंदूक छीनकर उसे जमीन पर गिरा दिया। न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने उन्हें “सच्चा नायक” बताया। उनके लिए शुरू किए गए फंडरेज़र में अब तक 2 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर से ज्यादा जमा हो चुके हैं।

जांच, मौतें और वैश्विक शोक- पुलिस ने बताया कि एक हमलावर पहले से सुरक्षा एजेंसियों की नजर में था, लेकिन हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। मुख्यमंत्री क्रिस मिन्स के अनुसार, मारे गए लोगों की उम्र 10 से 87 साल के बीच थी। 42 से ज्यादा घायल अस्पताल में हैं। यहूदी संगठन चाबाद ने मृतकों में रब्बी एली श्लैंगर की भी पुष्टि की। विश्व के कई नेताओं ने इस हमले की निंदा की और आतंक के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। सिडनी के बॉन्डी बीच पर ‘हनुका बाय द सी’ कार्यक्रम के दौरान हुई गोलीबारी ने ऑस्ट्रेलिया और पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। पिता-पुत्र द्वारा किए गए इस हमले ने न केवल कई निर्दोषों की जान ली, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। अब जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता से मामले की तह तक पहुंचने में लगी हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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