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Madhya Pradesh

छत्तीसगढ़ में नकली दवाओं पर बड़ी कार्रवाई, मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर कसा शिकंजा

नकली दवाओं का खतरा: मरीजों की सेहत पर बड़ा असर, रायपुर में बड़ी कार्रवाई- रायपुर में राज्य औषधि प्रशासन ने नकली और अवमानक दवाओं के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। जांच में कई फर्मों की दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता था। पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर ऐसे खतरनाक उत्पादों को बाजार से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अमानक दवाओं की पहचान: कौन-कौन सी फर्में शामिल?-जांच में मेसर्स जी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड और जी.सी. हेल्थ केयर (सोलन) के साथ-साथ चेन्नई की मेसर्स लार आक्स फार्मास्युटिकल्स की दवाएं भी मानकों पर खरी नहीं उतरीं। रिपोर्ट में इन दवाओं की गुणवत्ता संदिग्ध बताई गई है। इन फर्मों की दवाओं का बाजार में रहना मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता था।

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में फैली सप्लाई-सूत्रों के अनुसार, ये नकली दवाएं छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सप्लाई हो रही थीं। मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दवाओं को समय रहते बाजार से हटाने का निर्देश दिया है ताकि मरीजों को कोई नुकसान न पहुंचे।

ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की भी हो रही जांच-जांच में पता चला है कि नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव के जरिए नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही थी। अब इस पूरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि दवाएं कहां-कहां पहुंची और इस खेल में और कौन-कौन शामिल हैं।

विशेष निरीक्षण दल ने की छापेमारी-औषधि नियंत्रण विभाग ने सूचना मिलने पर विशेष निरीक्षण दल बनाया। इस टीम ने कई जगहों पर छापेमारी कर संदिग्ध दवाओं के सैंपल जब्त किए। बाद में जांच में ये दवाएं नकली और अवमानक पाई गईं, जिससे आरोप सही साबित हुए। यह कार्रवाई मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी थी।

दोषी फर्मों पर होगी सख्त कार्रवाई-जांच रिपोर्ट के बाद दोषी फर्मों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग ने साफ कहा है कि नकली दवाओं के कारोबार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कड़ी कार्रवाई से भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी।

दवा कारोबारियों और जनता के लिए जरूरी निर्देश-औषधि प्रशासन ने दवा दुकानदारों, थोक व्यापारियों और अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे केवल प्रमाणित स्रोतों से दवाएं खरीदें। आम लोगों से भी अपील की गई है कि अगर किसी दवा पर शक हो तो तुरंत नजदीकी औषधि निरीक्षक या स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

यह कार्रवाई मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है। नकली दवाओं से होने वाले खतरे को कम करने के लिए सभी को सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है।

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