बंगाल चुनाव 2026 से पहले बदले सियासी समीकरण, BJP को दिख रहा बड़ा मौका

बंगाल की राजनीति में चुनाव से पहले तेज़ी: नए समीकरण और बीजेपी की बड़ी तैयारी- चुनाव से पहले बंगाल में सियासी हलचल बढ़ी, पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनावी मैदान में कदम रखा है। इस बदलाव को लेकर बीजेपी भी सक्रिय हो गई है और उसने इस बार 160 सीटें जीतने का बड़ा लक्ष्य रखा है। राजनीतिक माहौल में नए समीकरण बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
मुस्लिम वोटों के बंटवारे पर बीजेपी की नजर- पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोट परंपरागत रूप से तृणमूल कांग्रेस के साथ जाते रहे हैं। लेकिन हुमायूं कबीर और ओवैसी जैसे नेताओं की सक्रियता से मुस्लिम वोटों में बंटवारा हो सकता है, जिससे बीजेपी को फायदा मिलेगा। इसी उम्मीद के साथ बीजेपी अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रही है और मिशन 160+ के लिए तैयारी तेज कर दी गई है।
हुमायूं कबीर की नई पार्टी ने ममता को दी खुली चुनौती-हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी रखा है। बेलडांगा में एक बड़े कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले में टीएमसी को एक भी सीट नहीं मिलेगी और ममता बनर्जी की पार्टी इस बार 100 सीटें भी नहीं जीत पाएगी।
क्या होंगे कबीर और ओवैसी बीजेपी के लिए गेम चेंजर?-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी हुमायूं कबीर को अपने लिए एक बड़ा फायदा मान रही है। कबीर के ममता विरोधी बयान और मुस्लिम वोटरों पर पकड़ से ध्रुवीकरण बढ़ सकता है। वहीं, ओवैसी भी बंगाल में सर्वे कराने की बात कर चुके हैं। अगर उनकी पार्टी चुनाव में उतरी, तो मुस्लिम वोटों का बंटवारा और मजबूत होगा, जिससे बीजेपी को फायदा मिल सकता है।
मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी की खास रणनीति-पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से सत्ता के लिए 148 सीटें चाहिए। लगभग 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले राज्य में बीजेपी ने 90 ऐसी सीटें चिन्हित की हैं, जहां वोटों के बंटवारे से पार्टी को फायदा हो सकता है। हर इलाके के लिए अलग रणनीति बनाई जा रही है ताकि चुनाव में हर मोर्चे पर मजबूती दिखाई जा सके।
अमित शाह का पूरा फोकस बंगाल चुनाव पर, जल्द शुरू होगा अभियान-बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह अब पूरी तरह से बंगाल चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खरमास खत्म होते ही बीजेपी युद्ध स्तर पर चुनाव अभियान शुरू करेगी। संगठन मजबूत करने और बूथ स्तर तक रणनीति बनाने का काम जोरों पर है। इस बार बंगाल का चुनाव और भी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण होने वाला है।



