कृष्णा जिले में तेल-गैस ड्रिलिंग को हरी झंडी, शर्तों के साथ वेदांता को मिली मंजूरी

आंध्र प्रदेश सरकार ने दी वेदांता लिमिटेड को ड्रिलिंग के लिए सशर्त एनओसी: जानिए पूरी जानकारी-आंध्र प्रदेश सरकार ने वेदांता लिमिटेड के केयर्न ऑयल एंड गैस डिवीजन को कृष्णा जिले में 20 ऑनशोर कुओं की ड्रिलिंग के लिए सशर्त ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) जारी किया है। इस मंजूरी के साथ कई नियम और शर्तें जुड़ी हैं, जिन्हें कंपनी को कड़ाई से मानना होगा। आइए विस्तार से समझते हैं इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी।
वेदांता को मिली ड्रिलिंग की अनुमति, लेकिन शर्तों के साथ-सरकार ने वेदांता लिमिटेड को 20 कुओं की ड्रिलिंग के लिए एनओसी दी है, लेकिन यह मंजूरी पूरी तरह से सशर्त है। इसका मतलब है कि कंपनी को ड्रिलिंग के दौरान सभी नियमों और शर्तों का पालन करना होगा। यह कदम हाल ही में जारी सरकारी आदेश के तहत लिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि अनुमति केवल तय मानकों के अनुसार ही दी जाएगी।
डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड नीति के तहत प्रोजेक्ट-वेदांता लिमिटेड को यह प्रोजेक्ट डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (DSF) पॉलिसी 2018 के तहत मिला है। इस नीति के तहत कंपनी को ऑनशोर तेल और गैस क्षेत्रों के विकास का जिम्मा सौंपा गया है। इसी प्रोजेक्ट के तहत कंपनी ने ड्रिलिंग के लिए एनओसी की मांग की थी, जो अब आंध्र प्रदेश सरकार ने सशर्त मंजूर कर दी है।
35 स्थानों पर ड्रिलिंग की मांग, मिली 20 की मंजूरी-कंपनी ने कृष्णा जिले के कई गांवों के आसपास 35 जगहों पर ड्रिलिंग की अनुमति मांगी थी। इस क्षेत्र से बांदर नहर गुजरती है, इसलिए सिंचाई विभाग की मंजूरी लेना जरूरी था। जांच के बाद सरकार ने 20 स्थानों पर ड्रिलिंग की अनुमति दी है, जो सिंचाई विभाग की शर्तों के अनुरूप है।
सरकार ने की पूरी जांच, दी सशर्त मंजूरी-सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए वेदांता लिमिटेड को 20 स्थानों पर ड्रिलिंग के लिए एनओसी दी जा रही है। यह अनुमति आदेश में बताई गई शर्तों और नियमों के पालन के अधीन होगी, जिनका कंपनी को सख्ती से पालन करना होगा।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश-आदेश में जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ, कृष्णा डेल्टा सिस्टम के मुख्य अभियंता और कृष्णा जिले के कलेक्टर को इस फैसले के अनुसार जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद है कि ड्रिलिंग का काम तय नियमों के तहत सही तरीके से आगे बढ़े।
सिंचाई विभाग की नजर से अस्थायी अनुमति-सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एनओसी केवल सिंचाई के दृष्टिकोण से दी गई है और यह पूरी तरह अस्थायी है। ड्रिलिंग शुरू करने से पहले कंपनी को अन्य संबंधित विभागों से भी जरूरी अनुमतियां लेनी होंगी, ताकि कोई नियम उल्लंघन न हो।
नहरों और जल स्रोतों से पानी लेने पर रोक-आदेश में यह भी साफ किया गया है कि ड्रिलिंग के लिए किसी भी सिंचाई नहर, जैसे बांदर नहर, केडीएस नहर नेटवर्क, जल निकासी तंत्र, तालाब, जलाशय या किसी सतही जल स्रोत से पानी नहीं लिया जाएगा। यह कदम जल संरक्षण और सिंचाई सुरक्षा के लिए जरूरी है।
केयर्न ऑयल एंड गैस: भारत की बड़ी निजी तेल-गैस कंपनी-केयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड का एक प्रमुख डिवीजन है और यह देश की सबसे बड़ी निजी तेल एवं गैस खोज और उत्पादन कंपनी मानी जाती है। यह भारत के घरेलू कच्चे तेल उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा देती है और इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।



