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“जिस नेता को हमने गलत समझा” : प्रशांत भूषण का आत्ममंथन, मनमोहन सिंह को पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

प्रशांत भूषण का खुला पछतावा: मनमोहन सिंह के प्रति बदला नजरिया और राजनीति की सच्चाई-वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पहली पुण्यतिथि पर एक भावुक और आत्ममंथन भरा बयान दिया। उन्होंने माना कि अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में शामिल होना उनकी एक बड़ी भूल थी, जिसने अनजाने में मनमोहन सिंह की छवि को नुकसान पहुंचाया। भूषण ने स्वीकार किया कि उस समय सिंह की शालीनता और विनम्रता को कमजोरी समझा गया, जबकि वे एक ईमानदार और नेक इरादों वाले नेता थे। उन्होंने यह भी माना कि उस आंदोलन ने एक “रोग शासन” को सत्ता तक पहुंचाने में मदद की।

अन्ना आंदोलन से आम आदमी पार्टी तक: भूषण का राजनीतिक सफर-प्रशांत भूषण इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे। वे अरविंद केजरीवाल के साथ उस वक्त खड़े थे, जब आंदोलन को राजनीतिक दल में बदलकर आम आदमी पार्टी का रूप दिया गया। हालांकि बाद में भूषण और केजरीवाल के रास्ते अलग हो गए। उस दौर में भूषण ने यूपीए सरकार और खासकर मनमोहन सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिनके लिए वे अब सार्वजनिक रूप से पछतावा जता रहे हैं।

मनमोहन सिंह की तारीफ में भूषण की पहले भी रही आवाज-यह पहली बार नहीं है जब भूषण ने मनमोहन सिंह की तारीफ की हो। 2025 में सिंह के निधन के बाद उन्होंने कहा था कि मनमोहन सिंह ने एक सौम्य और संवेदनशील शासन चलाया, जिसकी सोच दीर्घकालिक और समावेशी थी। उन्होंने वर्तमान सरकार से तुलना करते हुए कहा था कि दोनों के बीच का फर्क साफ नजर आता है। 2019 में उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म को भी राजनीतिक प्रोपेगेंडा बताया था।

कांग्रेस ने भी याद किया अपने शांत और मजबूत नेता को-मनमोहन सिंह की पुण्यतिथि पर कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सम्मान के साथ याद किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। खरगे ने कहा कि सिंह भारतीय लोकतंत्र के दुर्लभ नेताओं में से थे, जिन्होंने ज्ञान, नीति और नैतिकता के उच्चतम मानक स्थापित किए। उन्होंने 1991 के आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं फैसलों ने भारत को आर्थिक संकट से बाहर निकाला।

आर्थिक सुधारों से संवैधानिक मूल्यों तक: खरगे का संदेश-खरगे ने कहा कि मनमोहन सिंह ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों से भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। उन्होंने सत्ता में रहते हुए संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं किया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी। खरगे ने सिंह की पत्नी गुरशरण कौर के धैर्य की भी सराहना की और कहा कि सिंह का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा।

राहुल गांधी का संदेश: भारत को दी नई वैश्विक पहचान-राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मनमोहन सिंह को याद करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच ने भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया। गरीबों और वंचितों के लिए उनके फैसलों ने देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। राहुल ने कहा कि सिंह की सादगी, मेहनत और ईमानदारी हर किसी के लिए प्रेरणा हैं। उनके अनुसार, ऐसे नेता कम ही होते हैं जो बिना शोर मचाए देश की दिशा बदल देते हैं।

 

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