करण टैकर का नया अवतार: ‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ में डर और रहस्य की कहानी

करण टैकर, जिन्हें स्पेशल ऑप्स में रॉ एजेंट फारूक अली के रोल से जाना जाता है, इस बार एक बिल्कुल नए और डरावने किरदार में नजर आ रहे हैं। उनकी नई वेब सीरीज ‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ 12 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई और देखते ही चर्चा में आ गई। यह सीरीज भारत के पहले पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर गौरव तिवारी की जिंदगी और उनकी रहस्यमयी मौत पर आधारित है, जो दर्शकों को असली घटनाओं से जुड़ी कहानी के कारण खासा आकर्षित कर रही है।
गौरव तिवारी: भारत के पहले पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर की कहानी-गौरव तिवारी ने उस समय भूत-प्रेत और आत्माओं की जांच शुरू की जब लोग इस विषय पर खुलकर बात करने से डरते थे। उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह अलौकिक शक्तियों और रहस्यमयी घटनाओं की खोज में लगा दिया। वे सिर्फ एक खोजकर्ता नहीं थे, बल्कि उस सच को सामने लाने वाले इंसान थे जो डर के पीछे छिपा होता है। उनकी कहानी इस सीरीज की जान है।
सच्ची घटनाओं से जुड़ा डर और रहस्य-गौरव तिवारी की जांचें और अनुभव भारत में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन को एक नई पहचान देने वाले थे। उनकी बहसें और दावे लोगों के बीच चर्चा का विषय बने। कुछ लोग उन्हें साहसी मानते थे, तो कुछ उनके दावों पर शक करते थे। लेकिन उन्होंने इस क्षेत्र को गंभीरता से लेने की शुरुआत की और इसे लोकप्रिय बनाया।
पायलट बनने का सपना छोड़कर चुना डर का रास्ता-गौरव तिवारी का सपना पायलट बनने का था और इसके लिए वे अमेरिका के फ्लोरिडा गए थे। लेकिन बाद में उनका झुकाव पूरी तरह पैरानॉर्मल दुनिया की तरफ हो गया। उन्होंने एक सुरक्षित करियर छोड़कर भूत-प्रेत और अनजानी शक्तियों की खोज को अपना जीवन मिशन बना लिया, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।
पैरानॉर्मल सोसाइटी की स्थापना और चर्चित जांचें-भारत लौटने के बाद गौरव ने पैरानॉर्मल सोसाइटी बनाई और आधुनिक उपकरणों के साथ देश की भुतहा जगहों की जांच शुरू की। वे कई बार न्यूज चैनलों के साथ कब्रिस्तानों और सुनसान इमारतों में जांच करते नजर आए। एक बार लाइव शो में आत्माओं की मौजूदगी का दावा कर उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं।
भानगढ़ किले में बिताई गई डरावनी रात-गौरव तिवारी की सबसे चर्चित जांच राजस्थान के भानगढ़ किले में हुई, जिसे भारत की सबसे डरावनी जगह माना जाता है। उन्होंने वहां पूरी रात बिताकर अलौकिक शक्तियों से संपर्क की कोशिश की। हालांकि उन्हें कोई आत्मा नजर नहीं आई, लेकिन इस जांच ने उन्हें पैरानॉर्मल दुनिया में और मजबूत कर दिया।
7 जुलाई 2016 की रहस्यमयी मौत-7 जुलाई 2016 को गौरव तिवारी की मौत ने सभी को हिला दिया। दिल्ली के द्वारका में उनके फ्लैट में उनकी लाश मिली, और शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई। लेकिन परिस्थितियां इतनी रहस्यमयी थीं कि आज भी लोग मानते हैं कि यह मौत सामान्य नहीं थी और इसके पीछे कोई गुप्त कारण हो सकता है।
‘कोई बुरी ताकत मुझे खींच रही है’ का बयान-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौत से कुछ दिन पहले गौरव ने अपनी पत्नी से कहा था कि कोई बुरी ताकत उन्हें अपनी ओर खींच रही है। यह बयान उनकी मौत को और भी रहस्यमयी बना देता है। कई लोग मानते हैं कि पैरानॉर्मल एक्सपेरिमेंट के दौरान कुछ गलत हुआ था, और आज तक इस मौत की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है।
फिल्मों और टीवी शोज में गौरव तिवारी की भूमिका-गौरव तिवारी सिर्फ पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर ही नहीं थे, बल्कि कई टीवी शोज और फिल्मों में भी नजर आए। एमटीवी के ‘गर्ल्स नाइट आउट’ में पैरानॉर्मल एक्सपर्ट के रूप में और ‘16 दिसंबर’, ‘टैंगो चार्ली’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी रही। कहा जाता है कि उन्होंने 6 हजार से ज्यादा भुतहा जगहों की जांच की।
‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ की कहानी और कलाकार-‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ में करण टैकर के साथ कल्कि केकलां, डैनिश सूद, निमेश नायर, सलोनी बत्रा और घनश्याम गर्ग जैसे कलाकार हैं। बॉबी ग्रेवाल के निर्देशन में बनी यह सीरीज डर, रहस्य और सच्ची घटनाओं का ऐसा संगम है जो दर्शकों को बांधे रखता है।
कहां देखें ‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’-अगर आप डर और रहस्य से जुड़ी सच्ची कहानियों में रुचि रखते हैं तो यह वेब सीरीज आपके लिए है। यह अमेजन प्राइम वीडियो और एमएक्स प्लेयर पर उपलब्ध है। 12 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई इस सीरीज को दर्शकों से खूब सराहना मिल रही है और यह लगातार चर्चा में बनी हुई है।



