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तंबाकू पर बढ़ा टैक्स, शेयर बाजार में मचा हड़कंप: ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स और VST को बड़ा झटका

सरकार के नए टैक्स फैसले से तंबाकू कंपनियों पर बड़ा असर-सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नया उत्पाद शुल्क लगाने का फैसला किया है, जिसका असर शेयर बाजार में साफ दिखा। इस फैसले के बाद ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स और VST इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट आई है। आइए विस्तार से समझते हैं इस बदलाव का असर और इसके पीछे की वजहें।

शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों के शेयरों में गिरावट-सरकार के नए टैक्स फैसले के बाद शुक्रवार को तंबाकू कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स और VST इंडस्ट्रीज के शेयरों में यह गिरावट गुरुवार से शुरू हुई कमजोरी का ही अगला चरण मानी जा रही है। निवेशकों में इस फैसले को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ITC के शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर-ITC के शेयर शुक्रवार को 5.11% गिरकर 345.35 रुपये पर आ गए, जो पिछले 52 हफ्तों में सबसे कम कीमत है। टैक्स बढ़ने से सिगरेट कारोबार पर दबाव बढ़ने की आशंका ने निवेशकों को निराश किया है। यह गिरावट कंपनी के लिए चिंता का विषय बन गई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स में लगातार बिकवाली-गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में भी भारी गिरावट आई है। शुक्रवार को इसका शेयर 4.58% गिरकर 2,184.60 रुपये पर पहुंच गया। गुरुवार को इसमें 17% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई थी, जिससे बाजार में इस स्टॉक को लेकर डर का माहौल बन गया है।

VST इंडस्ट्रीज के शेयर भी प्रभावित-VST इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। शुक्रवार को यह शेयर 2.56% टूटकर 248.60 रुपये पर आ गया। गुरुवार को गिरावट कम थी, लेकिन नए टैक्स नियमों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे इस सेक्टर में अनिश्चितता बनी हुई है।

गुरुवार को मिले थे पहले ही संकेत-गुरुवार को ही बाजार ने तंबाकू कंपनियों के लिए खराब संकेत दे दिए थे। ITC के शेयर करीब 10% टूटे थे, जबकि गॉडफ्रे फिलिप्स में भी दो अंकों की गिरावट आई थी। इससे साफ हो गया था कि टैक्स बढ़ोतरी की खबर बाजार पर भारी पड़ेगी।

सिगरेट पर नया उत्पाद शुल्क लागू-वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में बदलाव करते हुए सिगरेट की लंबाई के हिसाब से प्रति 1,000 स्टिक पर 2,050 से 8,500 रुपये तक का नया उत्पाद शुल्क लागू किया है। यह नया टैक्स 1 फरवरी से प्रभावी होगा और 40% GST से अलग होगा।

पान मसाला कारोबार पर भी सख्ती-सरकार ने पान मसाला से जुड़े कारोबार की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर भी सेस लगाने का फैसला किया है। यह नियम भी 1 फरवरी से लागू होगा, जिससे पान मसाला सेक्टर पर टैक्स का दबाव बना रहेगा और कारोबार प्रभावित हो सकता है।

पान मसाला पर टैक्स दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं-सरकार ने स्पष्ट किया है कि पान मसाला पर कुल टैक्स बोझ 88% ही रहेगा, जिसमें 40% GST शामिल है। टैक्स की संरचना में बदलाव किया गया है ताकि टैक्स वसूली अधिक प्रभावी हो सके, लेकिन कुल टैक्स दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

पुरानी टैक्स व्यवस्था में बदलाव-नया टैक्स ढांचा पुरानी व्यवस्था की जगह लेगा, जिसमें 28% GST और अलग से कंपेनसेशन सेस लगाया जाता था। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से टैक्स कलेक्शन बेहतर होगा, लेकिन बाजार फिलहाल इसके असर को लेकर सतर्क है। सरकार के नए टैक्स फैसले ने तंबाकू कंपनियों के शेयर बाजार पर बड़ा असर डाला है। निवेशक इस बदलाव को लेकर सतर्क हैं क्योंकि इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ने की संभावना है। नया टैक्स ढांचा प्रभावी तो होगा, लेकिन इसके साथ ही कंपनियों को चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। इस बदलाव का असर आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगा।

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