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यमन संकट में नया धमाका: सऊदी हवाई हमलों से 20 मौतें, खाड़ी देशों के रिश्तों में बढ़ी कड़वाहट

यमन के गृहयुद्ध में नया मोड़: सऊदी-यूएई तनाव और हवाई हमलों की कहानी-यमन में लंबे समय से जारी गृहयुद्ध ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। 2 जनवरी 2026 को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हद्रामौत प्रांत में UAE समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इस हमले में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई, जिससे इलाके में तनाव और भय का माहौल बन गया है।

अल-खाशा कैंप पर सात बार हवाई हमले-हद्रामौत के अल-खाशा इलाके में STC के सैन्य कैंप पर सात बार हवाई हमले किए गए। STC के नेताओं ने बताया कि इन हमलों में कई लोग घायल हुए हैं। हमलों का असर सेयुन हवाई अड्डे तक पहुंचा, जिससे उड़ानों का संचालन बाधित हो गया। सऊदी अधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक STC कब्जे वाले इलाकों से पीछे नहीं हटता, हमले जारी रहेंगे।

STC की ताकत बढ़ने से सऊदी नाराज-STC ने पिछले कुछ महीनों में दक्षिण यमन में अपनी पकड़ मजबूत की है। दिसंबर 2025 में ‘ऑपरेशन प्रॉमिसिंग फ्यूचर’ के तहत हद्रामौत और महरा प्रांतों में विस्तार किया, जो तेल संसाधनों और सऊदी सीमा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। सऊदी अरब ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा माना और चेतावनी दी, लेकिन STC ने पीछे हटने से इनकार कर दिया।

सऊदी और UAE के बीच बढ़ता विवाद-यमन युद्ध में सऊदी और UAE लंबे समय तक एक साथ थे, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने उनके रिश्तों में खटास ला दी है। 30 दिसंबर 2025 को सऊदी ने मुकल्ला पोर्ट पर UAE से हथियारों की शिपमेंट को निशाना बनाया था। इसके बाद UAE ने अपनी सेना वापस बुला ली और सऊदी पर आरोप लगाए। 2 जनवरी के हमलों ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है।

STC और सऊदी समर्थित सरकार के बयान-STC ने सऊदी के हमलों को धोखा बताया है। उनके विदेश मामलों के प्रतिनिधि अम्र अल-बिध ने कहा कि सऊदी ने पहले शांतिपूर्ण ऑपरेशन का वादा किया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में सात हवाई हमले कर दिए। वहीं, सऊदी समर्थित गवर्नर सलेम अल-खानबाशी का कहना है कि यह युद्ध की घोषणा नहीं, बल्कि सैन्य ठिकानों की वापसी के लिए दबाव है।

आम जनता पर असर और अंतरराष्ट्रीय चिंता-हवाई हमलों का सीधा असर आम लोगों पर पड़ा है। हवाई अड्डे बंद होने से यात्रियों को दिक्कत हुई और इलाके में डर का माहौल है। खाड़ी देशों के बीच बढ़ती दरार का फायदा हूती विद्रोहियों को मिल सकता है, जो पहले से ही उत्तर यमन में मजबूत हैं। अमेरिका समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

यमन में शांति की उम्मीद या नया संघर्ष?-सऊदी गठबंधन के हमले STC की बढ़ती ताकत को रोकने की कोशिश माने जा रहे हैं, लेकिन इससे यमन का गृहयुद्ध और जटिल हो सकता है। सऊदी और UAE, जो पहले साथ थे, अब आमने-सामने हैं। सोशल मीडिया पर YemenCrisis ट्रेंड कर रहा है और लोग शांति की मांग कर रहे हैं। यमन की जनता एक दशक से जारी संघर्ष के बाद अब राहत की उम्मीद कर रही है।

 

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