12 साल बाद नई राह पर सौरभ द्विवेदी: लल्लनटॉप से विदाई, डिजिटल मीडिया में बदलाव की बड़ी कहानी

इंडिया टुडे ग्रुप से सौरभ द्विवेदी का एग्जिट: डिजिटल मीडिया में एक युग का अंत-इंडिया टुडे ग्रुप के डिजिटल विभाग में करीब 12 साल तक अहम भूमिका निभाने वाले सौरभ द्विवेदी अब संगठन से अलग हो रहे हैं। ‘द लल्लनटॉप’ और इंडिया टुडे हिंदी के एडिटर पद से हटने की घोषणा के साथ वे नए अवसरों की तलाश में आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलाव डिजिटल मीडिया की दुनिया में एक नए दौर की शुरुआत भी है।
फीचर्स एडिटर से लल्लनटॉप के प्रमुख चेहरा तक का सफर-सौरभ द्विवेदी ने अपने डिजिटल करियर की शुरुआत AajTak.in में फीचर्स एडिटर के रूप में की थी। बाद में उन्होंने ‘द लल्लनटॉप’ को एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जो खासतौर पर युवाओं के बीच लोकप्रिय हुआ। उनकी सोच और कंटेंट रणनीति ने लल्लनटॉप को एक अलग पहचान दिलाई, जो डिजिटल मीडिया में नया मुकाम साबित हुई।
अंदरूनी सूत्रों की मानें तो यह फैसला अचानक नहीं-सूत्र बताते हैं कि सौरभ द्विवेदी का जाना अचानक नहीं था। पिछले कुछ महीनों से इस पर बातचीत चल रही थी। उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और ग्रुप की कार्य संस्कृति के बीच बढ़ते मतभेद ने इस फैसले को मजबूर किया। यह बदलाव लंबे समय से तय था और अचानक नहीं आया।
संगठन के अंदर पहले से थी बदलाव की तैयारी-जिन लोगों को इस मामले की जानकारी है, वे बताते हैं कि सौरभ के अगले कदम को लेकर चर्चा काफी पहले से चल रही थी। इसलिए यह बदलाव संगठन के लिए नया नहीं है। ट्रांजिशन की प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी थी, ताकि काम में कोई बाधा न आए।
लल्लनटॉप में नेतृत्व का नया दौर शुरू-आंतरिक नोट में बताया गया है कि अब लल्लनटॉप की कमान नई टीम के हाथों में होगी। कुलदीप मिश्रा को एडिटोरियल ऑपरेशंस की जिम्मेदारी मिली है, जबकि प्रोडक्शन टीम की देखरेख रजत साइन संभालेंगे। यह बदलाव लल्लनटॉप के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है।
संस्थापक टीम को मिली कमान, ‘होम-ग्रोन जेनरेशनल शिफ्ट’-कुलदीप मिश्रा और रजत साइन दोनों लल्लनटॉप की फाउंडिंग टीम के सदस्य हैं। इस बदलाव को संगठन ने ‘होम-ग्रोन जेनरेशनल शिफ्ट’ बताया है। कुलदीप मिश्रा लल्लनटॉप शो और नेतानगरी जैसे कार्यक्रमों के जाने-माने चेहरे हैं, जो टीम को मजबूती देंगे।
सौरभ द्विवेदी की डिजिटल मीडिया में खास पहचान-सौरभ द्विवेदी इंडिया टुडे ग्रुप के हिंदी डिजिटल विस्तार के सबसे चर्चित चेहरों में से एक हैं। लंबे इंटरव्यू, राजनीतिक चर्चा और गहराई वाले कंटेंट के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। लल्लनटॉप की एडिटोरियल दिशा तय करने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा।
इंडिया टुडे ग्रुप ने टीम की सराहना की-आंतरिक संदेश में सौरभ और उनकी टीम को एक भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म बनाने और उसकी पहुंच बढ़ाने का श्रेय दिया गया है। हालांकि, इस बदलाव पर अभी तक इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह कदम डिजिटल मीडिया के लिए एक नया अध्याय साबित होगा।



