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Politics

अंबरनाथ नगर परिषद में सियासी घमासान: कांग्रेस ने पार्षद किए सस्पेंड, बीजेपी पर लगाए दोहरे मापदंड के आरोप

बीजेपी-कांग्रेस गठजोड़ पर कांग्रेस का तीखा हमला: आरोपों का दौर जारी-अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी और कांग्रेस के गठजोड़ को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने अपने उन पार्षदों को सस्पेंड कर दिया है, जिन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर गठबंधन किया, जबकि बीजेपी ने अपने नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले ने दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर दिया है।

चुनाव के बाद बना ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’-20 दिसंबर को हुए स्थानीय चुनावों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी के अजित पवार गुट के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ बनाई। इस गठबंधन ने नगर परिषद का नेतृत्व तय किया, जबकि सहयोगी शिवसेना, जो सबसे बड़ी पार्टी थी, इस गठबंधन से बाहर रह गई। यह राजनीतिक समीकरण कई सवाल खड़े कर रहा है।

कांग्रेस ने 12 पार्षद और ब्लॉक अध्यक्ष को सस्पेंड किया-गठबंधन की इस असहज स्थिति के बाद कांग्रेस ने 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को पार्टी से सस्पेंड कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि यह गठबंधन राज्य नेतृत्व की जानकारी के बिना किया गया था। इसके बाद ये सभी पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे कांग्रेस की नाराजगी और बढ़ गई।

बीजेपी पर पाखंड और दोहरे मापदंड का आरोप-प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने बीजेपी पर पाखंड और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी “कांग्रेस मुक्त भारत” की बात करती है, वही अपने नेताओं पर कार्रवाई करने से बच रही है। उनका दावा है कि गठबंधन का प्रस्ताव बीजेपी की तरफ से आया था, फिर भी पार्टी ने कोई कदम नहीं उठाया।

अकट नगर परिषद में AIMIM से गठजोड़ पर सवाल-सचिन सावंत ने अकट नगर परिषद में बीजेपी और AIMIM के गठबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे आजादी से पहले के दौर से जोड़कर देखा, जब हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग कई जगहों पर साथ सत्ता में थीं। उनका कहना है कि इससे चरमपंथी ताकतों के एजेंडे का आपस में जुड़ाव साफ होता है।

ध्रुवीकरण की राजनीति पर कांग्रेस का आरोप-कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी और AIMIM अंदरखाने एक-दूसरे के करीब हैं और यह अब खुलकर सामने आ गया है। सावंत ने आरोप लगाया कि जनता समझ चुकी है कि सत्ता के लिए किस तरह जानबूझकर ध्रुवीकरण कराया जाता है और सिद्धांतों से समझौता किया जाता है।

अकट मामले में बीजेपी ने विधायक को नोटिस जारी किया-इस विवाद के बीच प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने अकट नगर परिषद में AIMIM से गठजोड़ को लेकर अपनी ही पार्टी के विधायक प्रकाश भारसाखले को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि अंबरनाथ मामले में बीजेपी की चुप्पी उसके दोहरे रवैये को दर्शाती है। अंबरनाथ और अकट नगर परिषद के गठजोड़ ने बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड और पाखंड का आरोप लगाते हुए अपने पार्षदों को सस्पेंड किया, जबकि बीजेपी ने अपने नेताओं पर कार्रवाई से बचाव किया। यह मामला आगामी राजनीतिक लड़ाई का अहम हिस्सा बनता दिख रहा है।

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