Budget 2026 Highlights: खेती से लेकर रक्षा तक बड़ा दांव, मगर मिडिल क्लास को टैक्स में राहत नहीं

बजट 2026-27: 85 मिनट का भाषण, हर क्षेत्र पर खास ध्यान-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जो करीब 85 मिनट लंबा था। इस बजट में खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, रेलवे और महिला सशक्तिकरण जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फोकस किया गया। सरकार ने कोशिश की कि बजट का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे, लेकिन मिडिल क्लास को इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत न मिलने से उनकी उम्मीदें अधूरी रहीं।
महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण को मिली प्राथमिकता-इस बजट में महिला सशक्तिकरण और किसानों के हितों को खास महत्व दिया गया है। हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे, जिससे शिक्षा में सुधार होगा। रोजगार बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लाई गई हैं, साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी नए प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। रेलवे में स्पीड कॉरिडोर और आयुर्वेदिक एम्स जैसी योजनाएं भी बजट का हिस्सा हैं, जो बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगी।
टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने की कोशिश-बजट 2026 में कर व्यवस्था को आसान बनाने पर जोर दिया गया है। कॉरपोरेट कंपनियों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट पर 30 प्रतिशत टैक्स प्रस्तावित है। शेयर बाजार से जुड़े वायदा सौदों पर STT बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत और ऑप्शन प्रीमियम पर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे टैक्स सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और सरल होगा।
कृषि मंत्रालय को मिला रिकॉर्ड बजट आवंटन-कृषि क्षेत्र को इस बजट में बड़ी सौगात मिली है। कृषि मंत्रालय को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन दिया गया है। छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया है। 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास की योजना लाई गई है, साथ ही तटीय इलाकों में मत्स्य उत्पादन की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा।
पशुपालन और खास फसलों को मिलेगा बढ़ावा-सरकार ने पशुपालन के लिए लोन आधारित सब्सिडी योजना शुरू की है। नारियल, काजू, कोको, चंदन और अखरोट जैसी फसलों को विशेष सहायता दी जाएगी ताकि उनकी वैश्विक पहचान बने। किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल ‘भारत-VISTAAR’ लॉन्च किया जाएगा, जिससे खेती से जुड़ी जानकारी और फैसले लेना आसान होगा।
MSME सेक्टर को मजबूत करने के बड़े कदम-बजट 2026 में MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं पेश की गई हैं। 200 विरासती औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना है। इसके अलावा 10,000 करोड़ रुपये की SME विकास निधि का प्रस्ताव रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत फंड में भी 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप किया जाएगा, जिससे छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी खरीद और फंडिंग प्रक्रिया में सुधार-सरकार ने बताया कि TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग उपलब्ध कराई गई है। अब जेम पोर्टल को भी TReDS से जोड़ा जाएगा, जिससे सरकारी खरीद प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और आसान होगी। इससे छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सीधे लाभ मिलेगा।
रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी-डिफेंस सेक्टर को इस बजट में बड़ा बढ़ावा मिला है। कुल रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे कुल आवंटन 7.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है। आधुनिकीकरण के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं। रक्षा पूंजीगत व्यय और रक्षा पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है, जो सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत करेगी।
मिडिल क्लास की उम्मीदें अधूरी रहीं-हालांकि बजट में हर क्षेत्र के लिए कुछ न कुछ रखा गया है, लेकिन मिडिल क्लास को इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत न मिलने से निराशा हुई है। आम करदाता को उम्मीद थी कि टैक्स में छूट मिलेगी, लेकिन इस बार सरकार ने इस मोर्चे पर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया।



