Madhya Pradesh

प्रॉपर्टी टैक्स की शत-प्रतिशत वसूली और एआई (AI) से जन-समस्याओं का त्वरित समाधान अनिवार्य : आयुक्त भोंडवे

भोपाल : आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास श्री संकेत भोंडवे ने कहा कि नगरीय प्रशासन में पारदर्शिता और कार्य क्षमता ही प्राथमिकता है। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने 25 फरवरी और 15 मार्च को प्रदेश के सभी नगर निगमों में विशेष वसूली शिविर लगाने के निर्देश दिए। साथ ही, नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर बल दिया, ताकि समस्याओं का समाधान 2 से 3 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, ई-ऑफिस प्रणाली और डिजिटल लॉकर के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को पूर्णतः डिजिटल बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। आयुक्त श्री भोंडवे भौरी के सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में बुधवार को विभागीय समीक्षा कर रहे थे।

आयुक्त श्री भोंडवे नेसंसाधन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवाचारी दृष्टिकोण अपनाते हुए उज्जैन, इंदौर और देवास को मिलाकर एक संयुक्त वॉटर सप्लाई बोर्ड के गठन के संकेत दिए। उन्होंने अनावश्यक बिजली व्यय रोकने के लिए सुचारू जलापूर्ति वाले क्षेत्रों में ट्यूबवेल बंद करने और शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए। निगम के वाहनों में ईंधन चोरी रोकने के लिए जीपीएस और फ्यूल गेज की अनिवार्यता तय की। बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और ग्वालियर को ई-व्हीकल संचालन में मॉडल के रूप में विकसित करने और नगर निगमों के कम से कम 5 प्रतिशत वाहनों को सीएनजी पर संचालित करने का लक्ष्य दिया गया। आयुक्त श्री भोंडवे ने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निकायों को पुरस्कृत करेंगे, जिससे निकायों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन मिले।

आयुक्त श्री भोंडवे ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)में 15 मार्च 2026 तक एक लाख आवासों के लिए सब्सिडी स्वीकृत और जारी करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने निर्देशित किया कि पीएमएवाई 2.0 के अंतर्गत प्रत्येक नगर निगम 31 मार्च तक न्यूनतम तीन डीपीआर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों में पूर्ण हो चुके आवासों का पजेशन तत्काल हितग्राहियों को देने पर जोर दिया गया। स्वच्छता के क्षेत्र में, उन्होंने सभी 16 नगर निगमों से स्वच्छता प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त करने की अपेक्षा की और प्रत्येक निगम को अपनी उपलब्धियों पर लघु फिल्में तैयार करने को कहा। अमृत योजना में सीवरेज और जल कनेक्शन को वार्डवार कार्य योजना बनाकर पूरा करने और निर्माण कार्यों के दौरान ‘रोड रेस्टोरेशन’ का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।

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