शुरुआती कारोबार में बाजार फिसला: आईटी शेयरों की गिरावट से सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में

आईटी कंपनियों में भारी बिकवाली से सेंसेक्स-निफ्टी की कमजोरी: जानिए क्या है वजह?
बाजार की शुरुआत कमजोर, आईटी सेक्टर में गिरावट का असर- गुरुवार सुबह शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। अमेरिकी बाजारों के कमजोर संकेतों के साथ ही आईटी कंपनियों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले। सेंसेक्स 421 अंक गिरकर 83,811 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 121 अंक टूटकर 25,832 पर कारोबार कर रहा था। पिछली गिरावट का असर भी बाजार पर साफ दिखा।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बढ़ा रही निवेशकों की चिंता-विश्लेषकों के अनुसार, सिर्फ अमेरिकी बाजारों की कमजोरी ही नहीं, बल्कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 69.72 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जो कंपनियों की लागत और मुनाफे पर असर डाल सकता है। इसलिए निवेशक फिलहाल सोच-समझकर कदम उठा रहे हैं।
कौन से शेयर गिरावट में और कौन से संभाल रहे बाजार?-सेंसेक्स में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे आईटी शेयर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। बीएसई का आईटी इंडेक्स करीब 4% तक गिर गया। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, टाटा स्टील जैसे कुछ शेयरों ने बाजार को थोड़ा सहारा दिया। कुल मिलाकर आईटी सेक्टर में कमजोरी के बीच कुछ सेक्टर ने मोर्चा संभाला।
विशेषज्ञों की राय: आईटी सेक्टर में फिलहाल सुधार की उम्मीद कम- जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार के मुताबिक, टेक शेयरों में जल्द सुधार की संभावना कम है। अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर में आई गिरावट इस बात का संकेत है कि दबाव बना रह सकता है। निवेशक आईटी सेक्टर से पैसा निकालकर दूसरे मजबूत सेक्टरों में निवेश कर सकते हैं, जिससे उन क्षेत्रों को फायदा होगा।
वैश्विक बाजारों में मिले-जुले संकेत, फेड की दर कटौती पर अनिश्चितता-एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़ा, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहा। अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पता चला कि फेडरल रिजर्व जल्द दरों में कटौती नहीं करेगा। भारत में भी फिलहाल ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म होता दिख रहा है।
विदेशी निवेशक खरीदारी में सक्रिय, घरेलू निवेशक मुनाफावसूली में- बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 943 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 125 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, लेकिन घरेलू निवेशक फिलहाल मुनाफा निकालने की स्थिति में हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
पिछले सत्र का बाजार हाल: अनिश्चितता का माहौल-बुधवार को सेंसेक्स में हल्की गिरावट आई थी, जबकि निफ्टी में मामूली बढ़त रही। कुल मिलाकर, बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, जहां वैश्विक संकेत, तेल की कीमतें और ब्याज दरों की दिशा निवेशकों की रणनीति तय कर रही हैं। फिलहाल निवेशक सतर्कता से काम ले रहे हैं।
यह लेख आपको भारतीय शेयर बाजार की ताजा स्थिति और आईटी सेक्टर की चुनौतियों को समझने में मदद करेगा। बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि वैश्विक और घरेलू कारक मिलकर निवेश के फैसलों को प्रभावित करते हैं।



