Madhya Pradesh

उज्जैन में वन मेले की धूम, सीएम का ऐलान: महाकाल की नगरी को मिलेगा आयुर्वेदिक एम्स

उज्जैन में छह दिन तक चलेगा वन मेला, दशहरा मैदान बना आकर्षण का केंद्र

वन मेला: प्रकृति और परंपरा का अनोखा संगम- उज्जैन के दशहरा मैदान में 11 से 16 फरवरी तक छह दिवसीय वन मेला आयोजित किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। यह मेला सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रकृति, परंपरा और जनभागीदारी का उत्सव है। यहां वन उत्पाद, आयुर्वेद और पर्यावरण से जुड़ी जानकारी दी जाएगी, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

महाकाल की नगरी को आयुर्वेदिक एम्स की बड़ी सौगात- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से देश में खुलने वाले तीन आयुर्वेदिक एम्स में से एक मध्यप्रदेश को मिला है, जो उज्जैन में स्थापित होगा। उन्होंने समुद्र मंथन और भगवान धन्वंतरि का उल्लेख करते हुए कहा कि आयुर्वेद की इस पवित्र नगरी को यह उपहार मिलना गर्व की बात है, जो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा।

पौराणिक कथा से जुड़ा आयुर्वेद का महत्व- डॉ. यादव ने अपने भाषण में बताया कि हजारों साल पहले समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे, जिन्हें आयुर्वेद का जनक माना जाता है। उज्जैन, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, वहां आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम होगा। इससे न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का लाभ उठा सकेंगे।

उज्जैन का विकास: महानगर बनने की ओर कदम- मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आने वाले समय में एक बड़े महानगर के रूप में विकसित होगा। शहर में चार लेन और छह लेन सड़कों का निर्माण तेजी से हो रहा है। आवागमन को आसान बनाने के लिए नए पुल बनाए जा रहे हैं। शिप्रा तट, वीर दुर्गादास की छत्री, रणजीत हनुमान मंदिर, श्री अंगारेश्वर मंदिर, सिद्धवट और भैरवगढ़ जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है।

उज्जैन में विकास की गंगा बह रही है- डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शहर में हर दिशा में विकास कार्य जारी हैं। नए पुल, बेहतर सड़कें और मजबूत बुनियादी ढांचा उज्जैन को नई पहचान दे रहे हैं। यह विकास केवल निर्माण नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा निवेश है। उन्होंने भरोसा जताया कि उज्जैन आने वाले वर्षों में धार्मिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

यह लेख आपको उज्जैन में हो रहे वन मेले और शहर के विकास की पूरी जानकारी देता है। प्रकृति, परंपरा और आधुनिकता के संगम से उज्जैन एक नई पहचान बना रहा है, जो आने वाले समय में और भी चमकेगा।

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