हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन: दो घंटे में सफर, हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का नया युग

देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। हैदराबाद और बेंगलुरु के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर नई जानकारी सामने आई है। आम बजट में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए बड़ी राशि रखी गई है, जिससे उम्मीद है कि यह योजना जल्द ही जमीन पर साकार होगी।
मार्च तक तैयार होगी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)-हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की लंबाई लगभग 618 से 626 किलोमीटर के बीच तय की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट मार्च 2026 तक संबंधित अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय घटकर करीब दो घंटे रह जाएगा, जिससे यात्रियों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे।
LiDAR तकनीक से तय हो रहा कॉरिडोर का सटीक रूट-कॉरिडोर के लिए सही रूट चुनने के लिए सितंबर 2025 से LiDAR तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह लेजर आधारित तकनीक जमीन का सटीक 3D मैप तैयार करती है, जिसमें इलाके की ऊंचाई, जंगल, जल स्रोत और शहरों की संरचना का पूरा डेटा शामिल होता है। इससे सबसे सुरक्षित और उपयुक्त रूट चुना जा सकेगा।
हाई-टेक डेटा से बेहतर योजना और लागत का सही अनुमान-विशेषज्ञों का मानना है कि LiDAR सर्वे से मिले हाई-रिजोल्यूशन डेटा की मदद से परियोजना की योजना और इंजीनियरिंग डिजाइन ज्यादा सटीक और वैज्ञानिक होगी। इससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और कुल लागत का सही अनुमान लगाकर भविष्य की परेशानियों से बचा जा सकेगा।
उद्योग, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा-इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के शुरू होने से लंबी दूरी का सफर तेज होगा और माल ढुलाई की लागत भी कम होगी। इससे उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही सड़क और पारंपरिक रेल मार्गों पर दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक और ईंधन की बचत होगी।
पर्यावरण के अनुकूल प्रोजेक्ट से कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव-सरकार इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। DPR तैयार होने के बाद जमीन अधिग्रहण, वित्तीय मंजूरी और निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। अगर योजना के अनुसार सब कुछ होता है, तो यह कॉरिडोर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और विकास की दिशा पूरी तरह बदल सकता है।
हैदराबाद-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो यात्रियों के लिए समय की बचत और बेहतर सुविधा लेकर आएगा।



