केरल में स्वास्थ्य मंत्री पर कथित हमले को लेकर सियासी तूफान, कांग्रेस ने उठाए सबूतों पर गंभीर सवाल

केरल में स्वास्थ्य मंत्री पर हमले का विवाद: कांग्रेस और सरकार आमने-सामने
कांग्रेस का आरोप: हमले का कोई ठोस वीडियो नहीं, सच्चाई छुपाई जा रही है-केरल की राजनीति में तब हलचल मच गई जब स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पर कथित हमले की खबर आई। कांग्रेस ने इस मामले में कहा कि अगर सच में हमला हुआ होता तो उसका कोई भरोसेमंद वीडियो जरूर सामने आता। लेकिन अब तक ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं दिखा, जिससे इस घटना की सच्चाई पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले को राजनीतिक फायदे के लिए भड़काया जा रहा है।
कांग्रेस कार्यालयों पर हमले और बढ़ा राजनीतिक तनाव-स्वास्थ्य मंत्री पर हमले की खबर के बाद राज्य के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यालयों पर हमले की घटनाएं हुईं। आरोप है कि ये हमले सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं ने किए। इस घटना ने केरल के राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है, जहां सत्तारूढ़ दल और विपक्ष आमने-सामने हैं।
वीडियो फुटेज पर विवाद, कांग्रेस ने सुरक्षा कर्मी होने का दावा किया-सीपीआई(एम) नेता एम वी जयराजन ने एक वीडियो जारी किया जिसमें एक काले कपड़े पहने व्यक्ति मंत्री के पास दिख रहा था। लेकिन कांग्रेस ने इसे गलत बताया और कहा कि वह व्यक्ति हमलावर नहीं बल्कि मंत्री का सुरक्षा कर्मी था। कांग्रेस ने वीडियो को गलत तरीके से पेश कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है।
विपक्ष ने सरकार पर ध्यान भटकाने का आरोप लगाया-केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि सरकार और मंत्री झूठा प्रचार कर रहे हैं ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र की कमियों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने पुलिस पर बिना ठोस सबूत के छात्रों पर मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है।
यूथ कांग्रेस ने सबूत देने वालों को इनाम की घोषणा की-इस मामले में यूथ कांग्रेस ने एक अभियान शुरू किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि जो कोई भी हमले का पुख्ता सबूत देगा, उसे इनाम मिलेगा। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर वीडियो और पोस्ट साझा कर सरकार के दावों को चुनौती दी जा रही है, जिससे यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है।
मंत्री की हालत स्थिर, डॉक्टरों ने यात्रा से बचने की सलाह दी-स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज को कन्नूर के पारियारम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनके हाथ और सिर के पीछे के दर्द में राहत मिली है। डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी की जरूरत नहीं है, लेकिन फिलहाल उन्हें यात्रा करने से बचना चाहिए।
यह विवाद केरल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जहां सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। मामले की जांच और राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है, जबकि जनता इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।



