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हिंद महासागर में बढ़ते तनाव पर राहुल गांधी का हमला: बोले– देश की रणनीतिक आज़ादी से समझौता हुआ

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला: भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता पर सवाल-लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता से समझौता किया गया है। राहुल गांधी ने सरकार की नाकामी पर भी सवाल उठाए कि वह देश के हितों को मजबूती से संभाल नहीं पा रही।

सोशल मीडिया पर जताई चिंता, दुनिया में बढ़ती अस्थिरता-राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दुनिया इस वक्त बेहद अस्थिर दौर से गुजर रही है और आने वाले समय में हालात और भी मुश्किल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है क्योंकि देश का 40 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते आता है, जो तनावग्रस्त क्षेत्र है।

तेल और गैस की आपूर्ति पर मंडरा रहा संकट-राहुल गांधी ने बताया कि सिर्फ कच्चे तेल तक ही बात सीमित नहीं है, बल्कि भारत में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति भी इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है। अगर यह रास्ता बाधित हुआ तो देश की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा, जिसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर भी होगा।

हिंद महासागर में युद्ध का असर भारत के करीब-राहुल गांधी ने कहा कि यह संघर्ष अब भारत के बिल्कुल पास पहुंच चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया गया, जो भारत के समुद्री इलाके के पास हुआ। इसके बावजूद प्रधानमंत्री की तरफ से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया, जो चिंता का विषय है।

अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबोया ईरानी युद्धपोत-यह घटना 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुई, जहां अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बी ने टॉरपीडो से ईरानी फ्रिगेट ‘आईआरआईएस देना’ को डुबो दिया। इस हमले में 87 से ज्यादा ईरानी नाविक मारे गए। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो से जहाज डुबाने की पहली घटना है।

बंगाल की खाड़ी में अभ्यास के बाद लौट रहा था जहाज-रिपोर्ट के मुताबिक यह ईरानी युद्धपोत हाल ही में बंगाल की खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेकर हिंद महासागर के रास्ते वापस लौट रहा था। इस वजह से यह हमला भारत के समुद्री क्षेत्र और रणनीतिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम-भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य बहुत महत्वपूर्ण है। देश का लगभग 40 से 55 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है। इसके अलावा एलपीजी और एलएनजी की भी बड़ी मात्रा इसी मार्ग पर निर्भर है। इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल-राहुल गांधी ने कहा कि इतनी बड़ी घटना भारत के रणनीतिक इलाके के पास हुई है, जहाज ने हाल ही में इस क्षेत्र में गतिविधियां की थीं, फिर भी प्रधानमंत्री की ओर से कोई बयान नहीं आया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश को मजबूत और स्पष्ट नेतृत्व की जरूरत होती है।

विदेश मंत्रालय ने आरोपों को बताया निराधार-विदेश मंत्रालय ने राहुल गांधी के कुछ आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। मंत्रालय ने साफ किया कि यह गलत है कि अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल किया। सरकार ने कहा कि भारत का इस सैन्य कार्रवाई से कोई लेना-देना नहीं है।

‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ का मुद्दा पहले भी उठा चुके हैं राहुल गांधी-राहुल गांधी ने ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ शब्द का इस्तेमाल पहले भी किया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया था कि मोदी सरकार भारत के हितों के अनुसार व्यापार समझौतों को सही तरीके से नहीं संभाल पा रही है।

युवा कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन भी रहा चर्चा में-इस मुद्दे को लेकर संसद के बजट सत्र में भी बहस हुई थी। युवा कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कुछ नेताओं ने शर्टलेस होकर विरोध जताया था, जो विवादों में आ गया था और खूब चर्चा में रहा।

राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी पर यह तीखा हमला भारत की रणनीतिक स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। इस बीच विदेश मंत्रालय ने आरोपों को खारिज किया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और भी तेज हो सकती है, खासकर जब देश के सामने वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियां हैं।

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