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LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला: होटल-रेस्तरां को राहत देने के लिए कमर्शियल गैस का कोटा 20% बढ़ाया

भारत में एलपीजी संकट: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध का असर और सरकार की राहत योजना-पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत के कई शहरों में एलपीजी की आपूर्ति पर दिखने लगा है। खासकर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्तरां उद्योग प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का कोटा 20 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे इस क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।

युद्ध के कारण बढ़ी कमर्शियल गैस की कमी-पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध के चलते वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। भारत अपनी एलपीजी की 80 से 85 प्रतिशत जरूरत इसी क्षेत्र से आयात करता है। जब वहां हालात बिगड़ते हैं, तो इसका सीधा असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है। इस वजह से देश के कई हिस्सों में कमर्शियल गैस की कमी की खबरें सामने आ रही हैं।

सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का कोटा बढ़ाया-पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में कमर्शियल एलपीजी का कोटा 20 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया गया। अब होटल और रेस्तरां अपनी औसत मासिक जरूरत से 20 प्रतिशत ज्यादा गैस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनका कामकाज सुचारू रूप से चल सकेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से सप्लाई प्रभावित-वैश्विक गैस सप्लाई पर सबसे ज्यादा असर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में बाधा के कारण पड़ा है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है। यहां रुकावट के कारण कमर्शियल एलपीजी, खासकर नीले सिलेंडरों की उपलब्धता कम हो गई है।

होटल और रेस्तरां उद्योग पर पड़ा सीधा असर-कमर्शियल गैस की कमी से मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों के होटल, रेस्तरां, ढाबे और पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। कई रेस्तरां अपने मेन्यू को छोटा कर रहे हैं, कुछ ने काम के घंटे घटा दिए हैं, जबकि कुछ प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद भी हो गए हैं।

मुंबई में कई होटल-रेस्तरां बंद-मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई में लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्तरां पहले ही बंद हो चुके हैं। अगर गैस सप्लाई की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह संख्या अगले कुछ दिनों में 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने भी चेतावनी दी है कि सप्लाई में रुकावट जारी रही तो हजारों प्रतिष्ठानों को बंद करना पड़ सकता है।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता-पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह संकट पूरी दुनिया में है और युद्ध की वजह से पैदा हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार फिलहाल घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रही है। देश में कुल एलपीजी खपत का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू उपयोग में आता है, जबकि कमर्शियल क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है।

गैस सिलेंडर को लेकर घबराने की जरूरत नहीं-हरदीप सिंह पुरी ने संसद में भी कहा था कि भारत लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कोई बड़ी कमी नहीं है। एलएनजी के कार्गो लगातार आ रहे हैं और अलग-अलग मार्गों से ऊर्जा आपूर्ति जारी है, इसलिए लोगों को घबराने या पैनिक खरीदारी करने की जरूरत नहीं है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे होटल और रेस्तरां उद्योग को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कमर्शियल गैस का कोटा बढ़ाया है और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। साथ ही, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।

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