4 दिन बाद नदी में मिला युवक का शव: ग्वालियर के डबरा में लापता सूर्यभान की मौत से मचा हड़कंप

4 दिन बाद सिंध नदी में मिला युवक का शव: डिप्रेशन और रहस्यमय मौत की गुत्थी-ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के आरुषि गांव से लापता 21 वर्षीय सूर्यभान रावत का शव चार दिन बाद सिंध नदी के स्टॉप डेम के पास तैरता हुआ मिला। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और सवालों का माहौल बना दिया है। आइए इस मामले की पूरी कहानी विस्तार से समझते हैं।
सुबह निकला था, मोबाइल घर पर छोड़ गया था-सूर्यभान 23 मार्च की सुबह अपने घर से निकला था, लेकिन उसने अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था। अगले दिन उसकी बाइक सिंध नदी के पुल पर खड़ी मिली। यह देखकर पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी और हर संभव दिशा में जांच शुरू कर दी।
नदी में खोजबीन के लिए जुटी टीम-युवक की तलाश के लिए एसडीईआरएफ की टीम को लगाया गया, जो बोट और मशीनों की मदद से नदी में खोजबीन कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज में सूर्यभान को करीब चार घंटे तक इधर-उधर घूमते हुए देखा गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में लगी रही, लेकिन चार दिन बाद शव मिलने से मामला गंभीर हो गया।
डिप्रेशन में था युवक, पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश-परिवार के अनुसार, सूर्यभान पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। करीब छह महीने पहले उसने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। यह मानसिक स्थिति इस घटना की गंभीरता को और बढ़ाती है।
पुलिस ने शुरू की जांच, हर पहलू पर ध्यान-सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच जारी है।
परिवार में छाया गहरा मातम, पूरे गांव में शोक-इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार में गहरा -शोक छा गया है। परिजन सदमे में हैं और पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि मामले की हर जानकारी जुटाई जा सके और उचित कार्रवाई की जा सके।
सूर्यभान रावत की मौत ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा की अहमियत को उजागर किया है। इस मामले की जांच पूरी ईमानदारी से होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। परिवार और समाज दोनों को इस तरह के मामलों के प्रति संवेदनशील और जागरूक रहना जरूरी है।



