मध्यप्रदेश विधानसभा की 2026-27 की समितियों का गठन: जानिए कौन-कौन बने सदस्य

मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026-27 के लिए सदन की महत्वपूर्ण समितियों का गठन कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी घोषणा की है। इन समितियों में कार्य मंत्रणा, शासकीय आश्वासन, प्रश्न एवं संदर्भ, और सदस्य सुविधा समिति शामिल हैं, जो विधानसभा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद करेंगी।
कार्य मंत्रणा समिति में बड़े नेताओं की मौजूदगी-कार्य मंत्रणा समिति में प्रदेश के कई बड़े नेता शामिल हैं। इस समिति के सभापति खुद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जैसे नामी नेता भी इसके सदस्य हैं, जो इस समिति की अहमियत को दर्शाता है।
शासकीय आश्वासन समिति की कमान हरिशंकर खटीक के हाथ-शासकीय आश्वासन समिति के अध्यक्ष के रूप में विधायक हरिशंकर खटीक को चुना गया है। इस समिति में कई अन्य विधायक भी शामिल हैं। इसका मुख्य काम सरकार द्वारा दिए गए वादों और आश्वासनों की समीक्षा करना और उनकी प्रगति पर नजर रखना है, ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।
प्रश्न एवं संदर्भ समिति का नेतृत्व अरुण भीमावद करेंगे-प्रश्न एवं संदर्भ समिति के अध्यक्ष के रूप में विधायक अरुण भीमावद को नियुक्त किया गया है। इस समिति में कई अन्य सदस्य भी हैं। यह समिति सदन में उठाए गए सवालों और उनसे जुड़े मामलों की जांच करती है, जिससे सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
सदस्य सुविधा समिति के अध्यक्ष बने शैलेन्द्र जैन-विधायकों की सुविधाओं से जुड़ी सदस्य सुविधा समिति के सभापति के रूप में शैलेन्द्र कुमार जैन को चुना गया है। इस समिति में अन्य विधायक भी सदस्य हैं। समिति का काम विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं और संसाधनों को बेहतर बनाना है, ताकि उनका कामकाज सुचारू रूप से चले।
जेल में बंद विधायक राजेंद्र भारती भी बने सदस्य-इस बार की समिति सूची में एक चौंकाने वाला नाम भी शामिल है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती, जो तिहाड़ जेल में बंद हैं, उन्हें सदस्य सुविधा समिति का सदस्य बनाया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें जल्द सजा सुनाई जा सकती है, फिर भी उन्हें समिति में शामिल किया गया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
मध्यप्रदेश विधानसभा की 2026-27 की समितियों में कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं को जगह मिली है। ये समितियां विधानसभा के कामकाज को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। वहीं, जेल में बंद विधायक का सदस्य बनना राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।



