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होम गार्ड्स को नियमित नौकरी और बेहतर वेतन देने की मांग तेज, पीएमके नेता ने सरकार से की अपील

तमिलनाडु में होम गार्ड्स की स्थिति पर उठे सवाल, पीएमके नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने सरकार से की सख्त मांग-
तमिलनाडु में होम गार्ड्स को लेकर फिर से बड़ा मुद्दा उभरकर सामने आया है। पीएमके नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि होम गार्ड्स को नियमित नौकरी और समय पर उचित वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में होम गार्ड्स की भूमिका पुलिस से कम नहीं है, लेकिन उन्हें अभी तक जरूरी सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल पा रहा है।

त्योहारों और आपात स्थिति में निभाते हैं बड़ी जिम्मेदारी-डॉ. अंबुमणि रामदास ने बताया कि तमिलनाडु में त्योहारों, प्रदर्शन या किसी भी आपात स्थिति में होम गार्ड्स पुलिस के साथ मिलकर काम करते हैं। कई बार वे लंबे समय तक ड्यूटी करते हैं, लेकिन उन्हें न तो नियमित काम मिलता है और न ही सही वेतन। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में होम गार्ड्स की भूमिका अहम है।

पुराने वादों को पूरा नहीं करने का आरोप-पीएमके नेता ने आरोप लगाया कि 2021 में सत्ता में आने के बाद डीएमके सरकार ने होम गार्ड्स की संख्या बढ़ाने और ड्यूटी के दिनों को बढ़ाने का वादा किया था। लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए, जिससे होम गार्ड्स में नाराजगी बढ़ रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी किया जिक्र-डॉ. रामदास ने बताया कि होम गार्ड्स ने काम के दिनों और वेतन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने आदेश दिया था कि उन्हें पूरे महीने काम दिया जाए और 16,800 रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी जैसे राज्यों में यह आदेश लागू हो चुका है, लेकिन तमिलनाडु में अब तक नहीं।

नई सरकार के सामने सुरक्षा की बड़ी चुनौती-उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिस बल में खाली पद लगातार बढ़ रहे हैं और सुरक्षा की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में होम गार्ड्स की सेवाएं हर दिन जरूरी होती जा रही हैं। मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने नशा मुक्ति और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभियान शुरू किए हैं, जिनमें होम गार्ड्स का सहयोग अहम होगा।

सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग-पीएमके नेता ने सरकार से अपील की कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए होम गार्ड्स को नियमित रोजगार और सही वेतन दिया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल होम गार्ड्स का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

 

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