जयशंकर का छात्रों को संदेश: सिर्फ पढ़ाई नहीं, दुनिया को समझना भी जरूरी

रायपुर में जयशंकर का खास संदेश: युवाओं के लिए बदलाव की राह-विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज रायपुर पहुंचे और नया रायपुर स्थित IIM के 15वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने छात्रों को वैश्विक बदलावों और युवाओं की भूमिका को समझने की अहमियत पर जोर दिया। उनका संदेश युवाओं को नई सोच और तैयारी के लिए प्रेरित करता है।
दुनिया की हलचल और हमारे जीवन पर असर-जयशंकर ने अपने संबोधन में बताया कि दुनिया में जो भी घटनाएं होती हैं, उनका असर सीधे हमारे जीवन और करियर पर पड़ता है। इसलिए सिर्फ पढ़ाई तक सीमित रहना सही नहीं है। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक बदलावों को समझना जरूरी है ताकि वे बेहतर फैसले ले सकें।
भारत की मजबूत होती वैश्विक पहचान-उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया है और दुनिया में अपनी जगह पक्की की है। कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद देश ने स्थिरता बनाए रखी है, जो भारत की नीतियों और क्षमता का प्रमाण है। यह युवाओं के लिए गर्व की बात है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी से नए अवसर-जयशंकर ने देश में तेजी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का जिक्र किया। सड़कों, रेल नेटवर्क और बंदरगाहों के विस्तार के साथ डिजिटल क्रांति ने व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और नए मौके खुल रहे हैं, जो देश की प्रगति का हिस्सा हैं।-
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम-विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार मेहनत करनी होगी। यह न केवल देश की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगा। युवाओं को इस दिशा में योगदान देना होगा।
विदेश नीति: कूटनीति से बढ़कर व्यापार का जरिया-जयशंकर ने बताया कि आज की विदेश नीति सिर्फ कूटनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं है। यह व्यापार और उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आगे बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलती है और युवाओं के लिए भी अवसर बढ़ते हैं।
सफलता का मंत्र: मेहनत, नेतृत्व और मजबूत रिश्ते-अपने संदेश में जयशंकर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज की प्रतिस्पर्धा में सफल होने के लिए लगातार मेहनत, नेतृत्व क्षमता और मजबूत संबंध बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को वैश्विक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए और देश का नाम रोशन करना चाहिए। यह वक्त बदलाव का है।



