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होर्मुज से गुजरा ‘जग विक्रम’: भारत के लिए राहत की खबर, युद्धविराम के बाद फिर शुरू हुआ समुद्री रास्ता

होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत का LPG टैंकर ‘जग विक्रम’: ऊर्जा आपूर्ति में मिली बड़ी राहत-अमेरिका और ईरान के बीच बने अस्थायी युद्धविराम के बाद भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। भारतीय LPG टैंकर ‘जग विक्रम’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है। यह पहली बार है जब इस तनावपूर्ण माहौल के बाद कोई भारतीय जहाज इस महत्वपूर्ण मार्ग से बिना किसी बाधा के गुजरा है।

युद्धविराम के बाद होर्मुज स्ट्रेट से पहली बड़ी आवाजाही-‘जग विक्रम’ टैंकर शुक्रवार की रात से शनिवार की सुबह के बीच होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा। इसके बाद यह ओमान की खाड़ी में पहुंचा और पूर्व की ओर बढ़ता रहा। इस घटना को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट का महत्व-भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। देश का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, आधी गैस और करीब 60 प्रतिशत LPG विदेशों से आता है। इसलिए होर्मुज स्ट्रेट का खुलना भारत के लिए एक बड़ी राहत की बात है, जो ऊर्जा संकट को कम करने में मदद करेगा।

अभी भी फंसे हुए हैं कई भारतीय जहाज-मार्च की शुरुआत से अब तक ‘जग विक्रम’ नौवां भारतीय जहाज है जो खाड़ी से बाहर निकला है। वहीं, करीब 15 भारतीय जहाज अभी भी इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और सुरक्षित रास्ते का इंतजार कर रहे हैं। यह स्थिति वैश्विक सप्लाई चेन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

‘जग विक्रम’ कितना माल लेकर जा रहा है?-मुंबई की Great Eastern Shipping Company के स्वामित्व वाला ‘जग विक्रम’ एक मिड-साइज गैस कैरियर है जिसकी क्षमता 26,000 टन से ज्यादा है। माना जा रहा है कि यह जहाज करीब 20,000 टन LPG लेकर जा रहा है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।

क्षेत्र में अब भी सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं-मरीन ट्रैफिक डेटा के अनुसार, इस क्षेत्र में अभी भी सैकड़ों जहाज मौजूद हैं, जिनमें 426 टैंकर, 34 LPG कैरियर और 19 LNG जहाज शामिल हैं। हालिया तनाव के कारण ये जहाज लंबे समय तक फंसे रहे, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।

भारत की ऊर्जा निर्भरता की हकीकत-भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता और चौथा सबसे बड़ा गैस उपयोगकर्ता है। खाड़ी देशों से भारत को आधे से ज्यादा कच्चा तेल, 40 प्रतिशत गैस और 85-90 प्रतिशत LPG मिलता है, जो होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता है। इसलिए इस मार्ग का खुलना भारत के लिए बेहद जरूरी है।

सप्लाई में तनाव के कारण हुआ बड़ा असर-तनाव के चलते भारत ने होटलों और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल यूजर्स को LPG सप्लाई कम कर दी थी। बाद में वैकल्पिक इंतजामों के चलते लगभग 70 प्रतिशत सप्लाई बहाल की गई, जिससे बाजार में कुछ हद तक स्थिरता आई है।

गैस सप्लाई में भी सुधार की दिशा-शुरुआत में घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए उद्योगों को गैस सप्लाई कम की गई थी। अब उर्वरक उद्योगों को लगभग 80 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है और कुल आवंटन भी बढ़ाकर करीब 95 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे उद्योगों को राहत मिली है।

धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात-हालांकि औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को गैस सप्लाई अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति सुधर रही है। सरकार ने सिटी गैस कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे पाइप्ड गैस को बढ़ावा दें, ताकि LPG पर निर्भरता कम की जा सके और ऊर्जा आपूर्ति स्थिर रहे।

इस तरह, ‘जग विक्रम’ के होर्मुज स्ट्रेट पार करने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति में बड़ी राहत मिली है। आने वाले समय में इस क्षेत्र की स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।

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