सियासी बयानबाजी के बीच CM विजय ने की एमके स्टालिन से मुलाकात, फ्लोर टेस्ट से पहले बढ़ी हलचल

फ्लोर टेस्ट से पहले CM विजय की एमके स्टालिन से खास मुलाकात, तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल-तमिलनाडु की राजनीति में फ्लोर टेस्ट से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने अपने पूर्ववर्ती और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से उनके घर अलवरपेट में पहली बार मुलाकात की। सरकारी सूत्र इसे शिष्टाचार मुलाकात बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
स्टालिन और उदयनिधि ने किया गर्मजोशी से स्वागत-जब मुख्यमंत्री विजय स्टालिन के घर पहुंचे, तो उनका उदयनिधि स्टालिन ने हाथ मिलाकर और गले लगाकर स्वागत किया। इसके बाद एमके स्टालिन ने भी विजय को गले लगाया और हाथ पकड़कर घर के अंदर ले गए। दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
विजय ने हाल ही में DMK पर साधा था निशाना-यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई जब एक दिन पहले ही विजय ने पूर्व डीएमके सरकार पर बड़ा हमला बोला था। उन्होंने राज्य के 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का आरोप लगाते हुए डीएमके शासन की आलोचना की थी। विजय ने बिना नाम लिए कहा था कि डीएमके में कई पावर सेंटर हैं, जबकि उनकी सरकार में सिर्फ एक ही पावर सेंटर होगा।
स्टालिन ने भी दिया था पलटवार-विजय के आरोपों के बाद डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने जवाब दिया था कि सरकार चलाना और चुनावी बयान देना अलग बात है। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होने के बाद अचानक हुई यह मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फ्लोर टेस्ट से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल-तमिलनाडु विधानसभा में 13 मई को टीवीके सरकार को बहुमत साबित करना है। ऐसे में विजय और स्टालिन की यह मुलाकात खास महत्व रखती है। टीवीके को कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और वाम दलों का समर्थन मिला है, जो पहले डीएमके गठबंधन का हिस्सा थे। इसलिए राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
विधानसभा में बहुमत का गणित-234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके के पास फिलहाल 107 सीटें हैं। तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से विजय के इस्तीफे के बाद संख्या में बदलाव आया है। कांग्रेस समेत सहयोगी दलों के 13 विधायक भी टीवीके सरकार का समर्थन कर रहे हैं। सरकार बहुमत साबित करने की तैयारी में है और राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
शॉल और बुके देकर किया सम्मान-मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को शॉल और बुके देकर सम्मानित किया। उदयनिधि स्टालिन ने विजय को डीएमके की 75 साल की राजनीतिक यात्रा पर आधारित किताब “Kalathin Niram Karuppu Sivappu-DMK 75” भी भेंट की। मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
चुनावी टकराव के बाद पहली मुलाकात-यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि अप्रैल 2023 के चुनाव से पहले डीएमके और टीवीके के बीच कड़ी चुनावी लड़ाई हुई थी। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा था। लेकिन चुनाव जीतने के बाद यह विजय का पहला बड़ा राजनीतिक शिष्टाचार दौरा माना जा रहा है।
वैको से भी मिले मुख्यमंत्री विजय-एमके स्टालिन से मिलने के बाद मुख्यमंत्री विजय एमडीएमके संस्थापक वैको के घर भी गए। वहां वैको और उनके बेटे दुरई वैको ने उनका स्वागत किया। माना जा रहा है कि फ्लोर टेस्ट से पहले विजय सहयोगी दलों और वरिष्ठ नेताओं से संपर्क मजबूत करने में लगे हैं ताकि विधानसभा में सरकार की स्थिति मजबूत बनी रहे।



