15 दिन की बिजली कटौती से फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क पर उतरे ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता

15 दिन की बिजली कटौती से फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क पर उतरे ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता-सीहोर जिले के ग्राम अमलाहा डीसी में पिछले 15 दिनों से रात के समय लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई है। जहां एक तरफ भाजपा का प्रशिक्षण वर्ग चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ गांव के लोग बिजली संकट के खिलाफ सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह मामला अब गंभीर रूप ले चुका है।
ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से किया विरोध प्रदर्शन-लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। हालांकि प्रदर्शन के दौरान माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया, लेकिन पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में रही। मौके पर थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल तैनात था ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन को दिया तीन दिन का अल्टीमेटम-ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर तय समय में बिजली कटौती बंद नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ कहा कि अगर स्थिति बिगड़ी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
किसान और व्यापारी वर्ग भी बिजली संकट से परेशान-बिजली कटौती का असर सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान और व्यापारी वर्ग भी इससे काफी प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि बिजली न मिलने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है, जबकि व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब समर्थक और आम जनता दोनों परेशान हैं, तो समस्या का समाधान कब होगा।
ग्रामीणों ने सरकार से मांगा जवाब-लोग लंबे समय से बिजली समस्या झेल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। बार-बार शिकायत के बावजूद हालात नहीं सुधरने से नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीण सीधे जवाब चाहते हैं और बिजली संकट से राहत की मांग कर रहे हैं। फिलहाल गांव में विरोध और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।



