I.N.D.I.A गठबंधन में दरार? DMK ने कांग्रेस के कारण दूरी बनाई

विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A में दरार? DMK ने कांग्रेस के कारण बैठक से दूरी बनाई
DMK का फैसला विपक्ष के लिए चिंता का विषय-तमिलनाडु की प्रमुख पार्टी DMK ने कांग्रेस के साथ मतभेद के चलते I.N.D.I.A गठबंधन की आगामी बैठक से दूरी बनाई है। पार्टी ने कहा है कि राष्ट्रीय मुद्दों पर गैर-कांग्रेस दलों के साथ सहयोग जारी रहेगा, लेकिन कांग्रेस के साथ राजनीतिक मतभेद बढ़े हैं। यह कदम विपक्ष की एकजुटता के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकता है।
लोकसभा चुनाव के बाद कमजोर हुई सड़क राजनीति-2024 के लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों की संयुक्त सड़क पर सक्रियता कम हो गई है। संसद में वे साथ दिखते हैं, लेकिन जनता के बीच बड़े आंदोलन नहीं हो रहे। अब संसदीय सहयोग के साथ-साथ जनता से जुड़े मुद्दों पर भी एकजुटता जरूरी हो गई है।
सरकार के संवैधानिक प्रस्तावों को लेकर बढ़ी चिंता-परिसीमन जैसे संवैधानिक संशोधनों को लेकर विपक्ष पहले एकजुट था। लेकिन दलों में बिखराव बढ़ने से सरकार को अपना एजेंडा आगे बढ़ाने में आसानी हो सकती है। इसलिए विपक्ष के लिए एकजुट रहना अब और जरूरी हो गया है।
DMK की नाराजगी की वजह-DMK का मानना है कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में TVK के साथ गठबंधन कर उनके हितों को नुकसान पहुंचाया है। यह कोई नई बात नहीं क्योंकि कई राज्यों में गठबंधन दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते रहे हैं।
क्या DMK TMC की राह पर चलेगी?-राजनीतिक चर्चाओं में है कि DMK भी तृणमूल कांग्रेस की तरह राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दों के आधार पर समर्थन और विरोध की रणनीति अपना सकती है। वे भाजपा विरोधी राजनीति जारी रखेंगे, लेकिन कांग्रेस के साथ संबंध सीमित कर सकते हैं।
चुनावी झटकों के बाद बदली TMC की रणनीति-हाल के चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई है। अब वे कई मुद्दों पर कांग्रेस के समर्थन की जरूरत महसूस कर रही हैं। पहले जहां वे कांग्रेस पर दबाव बनाती थीं, अब सहयोग की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
वाम दलों की भी कांग्रेस से नाराजगी-वामपंथी दलों में भी कांग्रेस को लेकर असंतोष है। राहुल गांधी के आलोचनात्मक बयानों से रिश्ते खटासे में आए। हालांकि चुनावी जरूरतों के चलते बाद में सहयोग भी हुआ।
विपक्ष के सामने बड़ी चुनौती-विपक्ष की सबसे बड़ी चुनौती अपनी एकजुटता बनाए रखना है। DMK की दूरी और TMC की कमजोर पकड़ गठबंधन की ताकत पर सवाल खड़े कर रही है। फिर भी भाजपा के खिलाफ लड़ाई सभी को जोड़ सकती है।



