राहुल गांधी ने 18 साल के छात्र की की तारीफ, युवाओं की जागरूकता पर जोर

राहुल गांधी ने 18 साल के छात्र की की तारीफ, बोले- बड़े मीडिया भी नहीं कर पाए जो इन बच्चों ने किया
युवाओं की असली ताकत बताते हुए राहुल गांधी-राहुल गांधी ने 18 साल के सार्थक सिद्धांत और उनकी सहयोगी निसर्गा अधिकारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये युवा देश की असली ताकत हैं, जो सवाल पूछने और सच्चाई तक पहुंचने की हिम्मत रखते हैं। राहुल के अनुसार, ऐसे युवा ही देश का भविष्य हैं जो भ्रम में नहीं आते।
CBSE टेंडर घोटाले का खुलासा कर युवाओं ने किया बड़ा काम-सार्थक और निसर्गा ने CBSE की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं को उजागर किया, जो बड़े मीडिया और जांच एजेंसियों से छुपा था। राहुल गांधी ने इसे युवाओं की मेहनत और जागरूकता का उदाहरण बताया। इस खुलासे ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को और मजबूत किया है।
देश का युवा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं-राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा सिर्फ रील बनाएं और सवाल न पूछें, लेकिन ये युवा साबित कर रहे हैं कि वे हर मुद्दे को समझते हैं और उसकी तह तक जाते हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी आवाज बुलंद करने और सही सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुलाकात में राहुल गांधी ने दिया हौसला-राहुल गांधी ने सार्थक से मुलाकात में उनकी मेहनत की तारीफ की और कहा कि वे एक खोजी पत्रकार की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि अपने सिद्धांतों पर कायम रहें और किसी दबाव में न आएं। युवाओं को सशक्त बनाने का यह संदेश काफी प्रेरणादायक रहा।
परिवार से भी मुलाकात कर बढ़ाया मनोबल-राहुल गांधी ने सार्थक और उनके परिवार से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सत्य और पारदर्शिता के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं की देश को जरूरत है। राहुल ने सार्थक को अपने सिद्धांतों पर डटे रहने और आगे भी सही सवाल उठाने की प्रेरणा दी।
युवाओं की भूमिका पर फिर छिड़ी बहस-राहुल गांधी के बयान के बाद युवाओं की भूमिका पर नई बहस छिड़ गई है। समर्थक कहते हैं कि आज के युवा सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि हर मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं और जवाबदेही चाहते हैं। सार्थक और निसर्गा का मामला युवाओं की जागरूकता और सक्रियता का प्रतीक बन गया है।



