
‘वोट चोरी के बाद अब सीट चोरी’, राहुल गांधी का चुनाव आयोग और BJP पर हमला-राज्यसभा चुनाव को लेकर देश की राजनीति फिर गरमाई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि अब “वोट चोरी” और “सरकार चोरी” के बाद “सीट चोरी” का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को लेकर चुनाव आयोग ने दोहरे मानक अपनाए, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। यह बयान मध्य प्रदेश और झारखंड के राज्यसभा चुनाव विवाद के बीच आया है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज-मध्य प्रदेश में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि नामांकन पत्र में एक जरूरी मामले की जानकारी नहीं थी। इससे कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और भाजपा को फायदा हुआ। कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी ने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे और उनके खिलाफ कोई लंबित मामला नहीं था।
राहुल गांधी ने उठाए दोहरे मापदंड के सवाल-राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक उम्मीदवार का नामांकन मामूली आपत्ति पर खारिज कर दिया गया, जबकि दूसरे को राहत दी गई। उन्होंने पूछा कि नियम सबके लिए समान हैं तो अलग-अलग फैसले क्यों? उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
झारखंड के मामले को लेकर भी सवाल-राहुल गांधी ने झारखंड के राज्यसभा चुनाव का जिक्र किया। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को मंजूरी मिली, जबकि उनके दस्तावेजों पर सवाल थे। कांग्रेस का कहना है कि उन्हें सुधार का मौका दिया गया और फिर नामांकन स्वीकार किया गया। यही कांग्रेस के आरोपों का आधार है।
‘एक ही आयोग, लेकिन दो अलग फैसले’-राहुल गांधी ने कहा कि दोनों मामलों में चुनाव आयोग एक ही था, लेकिन फैसले अलग थे। एक उम्मीदवार को बिना सुनवाई अयोग्य घोषित किया गया, जबकि दूसरे को सुधार का मौका मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और जनता में भ्रम बढ़ता है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की मुलाकात-कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला और मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर पुनर्विचार की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि नामांकन रद्द करने का आधार केवल एक निजी शिकायत थी, जिसे कानून के तहत खुलासा करना जरूरी नहीं था।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप-राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की बैठक के लिए आयोग ने शुरुआत में समय देने में हिचकिचाहट दिखाई। बैठक में भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, वरना संदेह बढ़ता है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ा विवाद-मध्य प्रदेश और झारखंड के मामले ने राज्यसभा चुनाव को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस चुनाव आयोग और भाजपा पर सवाल उठा रही है, जबकि दूसरी ओर चुनावी प्रक्रिया को नियमों के अनुसार बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह मुद्दा आगे भी चर्चा में रहेगा।
आगे क्या होगा?-कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी में है। चुनाव आयोग ने अभी तक फैसलों में कोई बदलाव नहीं किया है। आने वाले दिनों में इस विवाद का राजनीतिक असर और नया मोड़ देखने को मिलेगा।



