NEET UG 2026 री-एग्जाम विवाद: छात्रों की मौत पर 1 करोड़ मुआवजे की मांग, पीएम मोदी को लिखा पत्र

NEET री-एग्जाम विवाद के बीच मुआवजे की मांग, छात्रों की मौत पर उठे गंभीर सवाल-NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले परीक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। पेपर लीक विवाद और दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर उन परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है, जिनके बच्चों की कथित आत्महत्या हुई है। उन्होंने इसे शिक्षा तंत्र का गंभीर संकट बताया है जो मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।
पीएम मोदी से हर परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग-अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उन्हें 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। उन्होंने बताया कि हाल के हफ्तों में 11 छात्रों की मौत हुई है, जिनमें कई हाल ही में हुई। परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भारी खर्च किया है, कई ने शिक्षा ऋण भी लिया है। बच्चों की मौत के बाद परिवार भावनात्मक और आर्थिक संकट में हैं। यह मुआवजा संवेदना और जिम्मेदारी का प्रतीक होना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल-दिपके ने कहा कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। यह शिक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता है। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन अनियमितताएं उनके आत्मविश्वास को चोट पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर सिर्फ परीक्षा पास करने का दबाव नहीं, बल्कि परिवार की उम्मीदें और आर्थिक बोझ भी भारी हैं। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया पूरी पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग-अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही गड़बड़ियां दिखाती हैं कि व्यवस्था में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है। पीएम मोदी से अपील की कि जवाबदेही तय करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। केवल जांच से समस्या हल नहीं होगी, व्यापक सुधार चाहिए।
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन-दिपके ने बताया कि 20 जून को देशभर के छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। उनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग करना है। यह आंदोलन राजनीतिक नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज उठाने के लिए है। प्रदर्शन में पेपर लीक रोकने, जवाबदेही तय करने और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
21 जून को NEET UG 2026 री-एग्जाम-राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी 21 जून को NEET UG 2026 की री-एग्जाम आयोजित करेगी। पेपर लीक के बाद पहली परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस बार सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। हालांकि छात्रों और अभिभावकों के बीच अभी भी सवाल हैं। आने वाले दिनों में सरकार, NTA और न्यायिक संस्थाओं की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी। यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है।



