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Gold Rate Today: सोने में बड़ी गिरावट, 15 हजार रुपये तक टूटा भाव, जानें आज आपके शहर में क्या है गोल्ड और सिल्वर रेट

 

सोना खरीदने का सुनहरा मौका? 15 हजार रुपये तक टूटा गोल्ड, चांदी में भी बड़ी गिरावट, जानें आज का ताजा भाव-अगर आप सोना या चांदी खरीदने का सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। पिछले कई दिनों से सर्राफा बाजार में गिरावट का दौर जारी है और 20 जून 2026 को भी सोने की कीमतों में भारी कमी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत में एक दिन में 3,123 रुपये की गिरावट आई है। अब 10 ग्राम शुद्ध सोना करीब 1.45 लाख रुपये के स्तर पर आ गया है। यह गिरावट निवेशकों और ग्राहकों दोनों के लिए राहत लेकर आई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया की अनिश्चितताओं के बावजूद सोने की कीमतें गिर रही हैं, जो आमतौर पर विपरीत होता है। फरवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। ऐसे में कई लोग जानना चाहते हैं कि आखिर सोना इतना सस्ता क्यों हो रहा है और क्या यह खरीदारी का सही वक्त है।

फरवरी के रिकॉर्ड स्तर से 15 हजार रुपये तक टूटा सोना-कुछ महीनों पहले सोने की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही थीं। 27 फरवरी 2026 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.60 लाख रुपये था, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर था। लेकिन इसके बाद बाजार का रुख बदल गया और कीमतें गिरने लगीं। 19 जून तक सोना करीब 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, यानी कुछ महीनों में लगभग 15 हजार रुपये की गिरावट हुई। सिर्फ जून महीने में ही सोना करीब 11 हजार रुपये तक सस्ता हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों के लिए अवसर भी हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय के लिए सोने में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि आगे क्या होगा, यह वैश्विक आर्थिक हालात और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेगा।

देश के बड़े शहरों में आज का गोल्ड रेट-20 जून की सुबह देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला। दिल्ली में 24 कैरेट सोना लगभग 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। मुंबई, कोलकाता, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में यह करीब 1,45,860 रुपये रहा। चेन्नई में सोने का भाव थोड़ा ज्यादा था, लगभग 1,48,040 रुपये प्रति 10 ग्राम। पटना, इंदौर, अहमदाबाद और सूरत में भी कीमतें लगभग 1,45,900 रुपये के आसपास थीं।22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी गिरावट का असर दिखा है। शादी-ब्याह और आभूषण खरीदने वाले लोगों के लिए यह राहत की खबर है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह नरमी कुछ और दिनों तक बनी रहती है तो ज्वेलरी की मांग बढ़ सकती है।

चांदी में भी आई बड़ी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी-सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी इस महीने बड़ी गिरावट आई है। 20 जून को चांदी का भाव घटकर लगभग 2,49,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर करीब 64.73 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। जून के शुरुआती दिनों की तुलना में चांदी करीब 31 हजार रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।यह गिरावट उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो चांदी में निवेश या आभूषण खरीदने की सोच रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों से प्रभावित होती हैं। आने वाले महीनों में इसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर रहेंगी। फिलहाल कीमतों में आई नरमी ने निवेशकों का ध्यान फिर से चांदी की ओर खींचा है।

आखिर सोना इतना सस्ता क्यों हो रहा है?-कई लोगों के मन में सवाल है कि सोने की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की मांग कम हो जाती है। इसके अलावा घरेलू और वैश्विक शेयर बाजारों में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रही है।अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों ने भी बाजार पर असर डाला है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो सोने की कीमतों पर दबाव बना रहता है। इसलिए निवेशक फिलहाल सोने की बजाय इक्विटी और अन्य विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

क्या आने वाले समय में फिर महंगा होगा सोना?-हालांकि अभी सोने की कीमतें गिर रही हैं, लेकिन कई वैश्विक वित्तीय संस्थान भविष्य को लेकर सकारात्मक हैं। जेपी मॉर्गन का मानना है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़े या भू-राजनीतिक तनाव फिर से बढ़े तो सोने की कीमतें बढ़ सकती हैं।
इसलिए कई निवेश सलाहकार गिरावट के दौरान चरणबद्ध निवेश की सलाह देते हैं। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर एक अच्छा मौका माना जा रहा है। हालांकि निवेश से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों और जोखिम क्षमता को समझना जरूरी है।

भारत में कैसे तय होती हैं सोने और चांदी की कीमतें?-भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव, डॉलर की मजबूती, रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, जीएसटी और घरेलू मांग का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलाव का असर यहां भी दिखता है।त्योहारों, शादी के सीजन और निवेशकों की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है। इसलिए कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में मामूली बदलाव भी भारतीय बाजार में बड़े प्रभाव के रूप में नजर आते हैं। सोना खरीदने से पहले ताजा कीमतों और बाजार की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होता है।

 

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